सोनोवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नेरंद्र मोदी ने हमें जीरो डिफेक्ट और जीरो इफेक्ट का मंत्र दिया है। पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय उनके विजन के मुताबिक उन्नत प्रौद्योगिकी के युग में ऑनलाइन ड्रेजिंग निगरानी प्रणाली का उपयोग करेंगे, जिससे एक तरफ पारदर्शिता आएगी और दक्षता बढ़ेगी, साथ ही ड्रेजिंग की लागत में कमी आएगी।
केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग (एमओपीएसडब्ल्यू) मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने शुक्रवार को सागर समृद्धि ऑनलाइन ड्रेजिंग निगरानी प्रणाली लॉन्च की। इससे समुद्रों और पत्तन को साफ सुथरा बनाने में मदद मिलेगी। मंत्रालय की तकनीकी शाखा व राष्ट्रीय बंदरगाह जलमार्ग एवं तट प्रौद्योगिकी केंद्र (एनटीसीपीडब्ल्यूसी) की तरफ से विकसित इस प्रणाली से ड्रेजिंग की रियल टाइम जानकारी मिल पाएगी।
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इसे लॉन्च करते हुए सोनोवाल ने कहा, प्रधानमंत्री नेरंद्र मोदी ने हमें जीरो डिफेक्ट और जीरो इफेक्ट का मंत्र दिया है। पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय उनके विजन के मुताबिक उन्नत प्रौद्योगिकी के युग में ऑनलाइन ड्रेजिंग निगरानी प्रणाली का उपयोग करेंगे, जिससे एक तरफ पारदर्शिता आएगी और दक्षता बढ़ेगी, साथ ही ड्रेजिंग की लागत में कमी आएगी।
क्या होती है ड्रेजिंग?
नदी, नहर आदि के तले पर जमा कीचड़ को विशेष मशीन से साफ करने की प्रक्रिया ड्रेजिंग कही जाती है। समुद्र तटों पर जहाजों के परिवहन को सुगम बनाने के लिए लगातार ड्रेजिंग की जरूरत होती है।