कोयले को लेकर महाराष्ट्र सरकार के आरोपों पर शनिवार को केंद्रीय मंत्री रावसाहेब दानवे ने शनिवार को पलटवार किया है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बिजली संयंत्रों को आपूर्ति के लिए पर्याप्त कोयला है। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र सरकार नागरिकों को बिजली उपलब्ध कराने के बजाय केंद्र को दोष देने में व्यस्त है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पर कोयले का 3,000 करोड़ रुपये बकाया है लेकिन केंद्र ने आपूर्ति बंद नहीं की है।
केंद्रीय मंत्री दानवे ने कहा कि महाराष्ट्र एक महीने से लोड-शेडिंग का सामना कर रहा है। यह राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि वह उद्योगों, किसानों आदि को बिजली मुहैया कराए। इसके बजाय, एमवीए सरकार केंद्र को दोष देने में व्यस्त है।
उन्होंने महाराष्ट्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में मौजूदा बिजली संकट शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस के बीच कुप्रबंधन और समन्वय की कमी के कारण है। इस दौरान उन्होंने इसे महा विकास अघाड़ी सरकार की विफलता बताया।
हनुमान चालीसा विवाद पर भी राज्य सरकार पर हमला बोला
उन्होंने निर्दलीय लोकसभा सांसद नवनीत राणा और उनके विधायक पति रवि राणा से जुड़े हनुमान चालीसा विवाद पर भी राज्य सरकार पर हमला बोला। केंद्रीय मंत्री दानवे ने कहा कि महाराष्ट्र में कानून-व्यवस्था चरमरा गई है।
दरअसल, निर्दलीय लोकसभा सांसद नवनीत राणा और उनके विधायक पति रवि राणा ने घोषणा की थी कि वे शनिवार को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के निजी निवास मातोश्री के सामने हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे। इसके बाद शिवसैनिकों के कड़े विरोध के बीच उन्होंने अपना आंदोलन वापस ले लिया। राणा दंपति ने कहा कि वे इसलिए आंदोलन वापस ले रहे हैं क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को एक पुरस्कार समारोह के लिए मुंबई में होंगे। वे नहीं चाहते थे कि उनकी यात्रा के दौरान इस मुद्दे पर महानगर और राज्य का माहौल खराब हो।
वहीं, महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने शुक्रवार रात मुंबई के बांद्रा इलाके में अपनी पार्टी के सहयोगी मोहित काम्बोज की कार पर हुए हमले के साथ ही खार (महानगर में) और राणा दंपत्ति के अमरावती के आवास के पास शिवसैनिकों द्वारा किए गए हंगामे की निंदा की।इस दौरान पाटिल ने कहा कि भाजपा महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन की मांग नहीं कर रही है, लेकिन राज्यपाल को स्थिति की समीक्षा करनी चाहिए।
ऊर्जा मंत्री ने कहा था कुछ प्लांट में बचा है केवल डेढ़ दिन का कोयला
महाराष्ट्र के ऊर्जा मंत्री नितिन राउत ने पिछले शुक्रवार को दावा किया था कि राज्य कोयले और बिजली संकट से जूझ रहा है क्योंकि कुछ संयंत्रों में केवल 1.5 दिनों का कोयला बचा है। हालांकि मंत्री ने आश्वासन दिया था कि राज्य सरकार बिजली संकट के समाधान के लिए हर संभव कोशिश कर रही है। राउत ने कहा था कि महाराष्ट्र के कुछ संयंत्रों में 1.5 दिन का कोयला बचा है, कुछ में 3 दिन और कुछ में 6 दिन का कोयला बचा है। राज्य सरकार बिजली संकट को दूर करने के लिए काम कर रही है।