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कंगना से मिले केंद्रीय मंत्री अठावले, कहा- मुंबई सबकी है, यहां डरने की कोई जरूरत नहीं

Thu, 10 Sep 2020 07:55 PM IST
मुकेश कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
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कंगना रनौत, रामदास अठावले - फोटो : ANI
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केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले गुरुवार को अभिनेत्री कंगना रणौत से मिलने के लिए उनके निवास पर पहुंचे हैं। कंगना रनौत से मिलने के बाद केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने बताया, कंगना ने कहा कि वह राजनीति में दिलचस्पी नहीं रखती हैं, लेकिन समाज में एकता सुनिश्चित करने में दिलचस्पी रखती हैं।

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कंगना को राजनीति में कोई दिलचस्पी नहीं- अठावले
उन्होंने कहा कि उनकी आगामी फिल्म में वह एक दलित की भूमिका निभा रही हैं और उस जाति व्यवस्था को समाप्त किया जाना चाहिए। इसलिए उन्हें राजनीति में दिलचस्पी नहीं है और जब तक वह फिल्मों में काम कर रही है, तब तक उनका राजनीति में शामिल होने का कोई इरादा नहीं है, लेकिन अगर वह भाजपा या आरपीआई में शामिल होती है, तो हम उसका स्वागत करेंगे।

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कंगना रनौत से एक घंटे तक बात की- रामदास अठावले
केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा, मैंने अभिनेत्री कंगना रणौत से एक घंटे तक बात की। मैंने उनको बताया कि आपको मुंबई में डरने की जरूरत नहीं है। मुंबई शिवसेना की भी है, भाजपा की है, कांग्रेस की है। मुंबई सभी धर्म, जाति और भाषाओं के लोगों की है। यहां सबको रहने का अधिकार है।

उन्होंने बताया कि मैंने जनवरी में ऑफिस बनाया था अगर दो-तीन इंच बिल्डर ने ज्यादा बनाया था, जिसकी मुझे जानकारी नहीं है तो सिर्फ वही तोड़ना चाहिए था। इन्होंने पूरा फर्नीचर, दीवारें सब तोड़ दिया है। मेरा भारी नुकसान हुआ है। मुझे मुंबई महानगरपालिका से मुआवजा मिलना चाहिए।

वहीं, अठावले ने कहा, आप (कंगना रणौत) जब कल आ रही थीं तो बीएमसी को आपको नोटिस देकर तीन-चार दिन और कोर्ट जाने का वक्त देना चाहिए था। कोर्ट ने स्टे तो दे दिया पर बीएमसी ने उसे (ऑफिस) पूरा तोड़ दिया है। उन्होंने बताया कि उन्होंने फिल्मों से जो कमाई की थी वो सारी इसमें लगा दी थी।

 
 

बीएमसी ने बुधवार को चलाया था कंगना के दफ्तर पर बुलडोजर
बता दें कि बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने बुधवार को बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रणौत का दफ्तर तोड़ दिया था। बीएमसी ने उनके कार्यालय में 14 उल्लंघन बताए, जिसमें रसोई के लिए चिन्हित स्थान पर शौचालय बनाना और शौचालय के लिए चिन्हित जगह पर दफ्तर सेटअप करना शामिल है। 

इसके बाद बंबई उच्च न्यायालय ने उनका दफ्तर तोड़ने पर रोक लगा दी। अदालत ने कहा कि बीएमसी का कदम घातक और अपमानजनक है। हालांकि, इस मामले में आज बॉम्बे हाइ कोर्ट में सुनवाई होनी थी, जिसे 22 सितंबर तक के लिए टाल दिया गया है।

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आज अपने टूटे दफ्तर का मुआयना करने पहुंची थीं कंगना
वहीं, कंगना आज अपने टूटे दफ्तर का मुआयना करने पहुंची थीं। इस दौरान वह 10 मिनट तक अपने कार्यालय का मुआयना की और इसके बाद वह वापस अपने घर लौट गईं। इसके बाद केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले कंगना से मिलने उनके आवास पर पहुंचे हैं।

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