केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान और दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल के बीच एक बार फिर पानी को लेकर जुबानी जंग शुरू हो गई है। केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने शनिवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर राष्ट्रीय राजधानी में पीने के पानी के मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि उन्हें इस मुद्दे को गंभीरता से लेना चाहिए। लोग दूषित पानी पीने के लिए मजबूर हैं और बच्चे इससे मर रहे हैं।
उपभोक्ता, खाद्य और जन वितरण मामलों के मंत्री पासवान ने कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) के नेता इस मुद्दे पर विरोधाभासी बयान दे रहे हैं, जबकि भारतीय शहरों में पीने के पानी की गुणवत्ता के संबंध में अधिकृत एजेंसियों द्वारा लिए गए पानी के नमूनों के परीक्षण के मुताबिक दिल्ली सबसे निचले स्थान पर है।
पासवान ने कहा, ‘केजरीवाल को इस मामले पर अनावश्यक राजनीति से दूर रहना चाहिए। लोग दूषित पानी पीने के लिए मजबूर हैं और बच्चे इसके कारण मर रहे हैं। उन्हें मामले को गंभीरता से लेना चाहिए।’
मंत्री ने कहा कि उनके मंत्रालय ने भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) से राष्ट्रीय राजधानी के प्रत्येक निकाय वार्ड से लिए गए पांच नमूनों का परीक्षण करने और 15 दिन में एक रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा था।
पासवान ने कहा कि उन्होंने शहर के विभिन्न हिस्सों में पानी के परीक्षण के लिए एक संयुक्त टीम में केंद्र सरकार के अधिकारियों के साथ काम करने के लिए केजरीवाल को अपनी सरकार के अधिकारियों को नामित करने को कहा था, लेकिन आप सरकार ने इसको लेकर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
इससे पहले गुरुवार को केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखा था। पत्र में उन्होंने केजरीवाल से पानी की जांच को लेकर भारतीय मानक ब्यूरो और दिल्ली जल बोर्ड की संयुक्त टीम बनाकर एनएबीएल की प्रमाणित लैब में नमूनों की जांच करवाने के लिए कहा था।
रामविलास पासवान ने केजरीवाल से अनुरोध किया था कि नौ दिसंबर को भारत मानक ब्यूरो ने सभी राज्यों की जल आपूर्ति के अधिकारियों की कार्यशाला रखी है, जिसमें वे अपने अधिकारियों को भी जरूर भेजें।