केंद्र सरकार की सहयोगी लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) अध्यक्ष और उपभोक्ता मामलों के केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने गरीब सवर्णों के लिए आरक्षण की वकालत की है। पासवान ने बुधवार को कहा कि ऊंची जाति के गरीबों के लिए 15 फीसदी आरक्षण होना चाहिए।
रामविलास पासवान का कहना है कि, "ऊंची जातियों के लोग भी गरीब होते हैं, उन्हें ऐसा नहीं लगना चाहिए की उनके साथ भेदभाव हो रहा है, क्योंकि उन्हें दलितों, आदिवासियों और पिछड़े वर्गों जैसी सुविधाएं नहीं मिलती हैं। इसलिए हमारी पार्टी (लोक जनशक्ति पार्टी) ने ऊंची जाति के गरीब लोगों को 15 फीसदी आरक्षण देने का सुझाव दिया है।"
बिहार के उद्योग मंत्री और जेडीयू नेता जय सिंह ने भी मंगलवार को कहा कि ऊंची जाति के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को आरक्षण दिया जाना जाहिए। मंत्री ने कहा, "केंद्र सरकार को देश में ऊंची जातियों के गरीब लोगों के आकलन के लिए एक आयोग का गठन करना चाहिए। समिति की सिफारिशों के आधार पर उन्हें आरक्षण देने पर निर्णय लेना चाहिए।"
इससे पहले रामविलास पासवान ने उच्च न्यायपालिका में आरक्षण और पदोन्नति में आरक्षण का भी समर्थन किया है। पासवान ने दावा किया कि पदोन्नति में आरक्षण की व्यवस्था बंद होने से दलितों में बेहद नाराजगी है। सरकार इस वर्ग में असंतोष नहीं फैलने देना चाहती।