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संसद में कांग्रेस ने सरकार पर लगाया मीडिया का गला दबाने का आरोप, राज्यवर्धन ने किया खारिज

Fri, 03 Aug 2018 02:59 PM IST
भाषा, नई दिल्ली
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मल्लिकार्जुन खड़गे - फोटो : PTI
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लोकसभा का मानसून सत्र इसबार भी हंगामें की भेंट चढ़ता दिख रहा है। एक ओर जहां विपक्ष एनआरसी  मामले पर सरकार को घेर रही है वहीं दूसरी तरफ आज अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की आवाज भी सदन में गूंजी। 
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कांग्रेस ने मानसून सत्र के 12वें दिन लोकसभा में सरकार पर मीडिया की आवाज दबाने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला करने का आरोप लगाया जिसे खारिज करते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने कहा कि हर बात के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराने का चलन चल पड़ा है।

सदन में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने शून्यकाल के दौरान एक निजी समाचार चैनल से तीन वरिष्ठ पत्रकारों के कथित इस्तीफे का मुद्दा उठाया और आरोप लगाया कि यह सरकार मीडिया की आवाज दबाने, डराने और धमकाने का काम कर रही है।
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खड़गे ने यह भी दावा किया कि इस सरकार में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर बार बार हमला किया जा रहा है जो संविधान और भारत जैसे गौरवशाली लोकतंत्र के खिलाफ है। विपक्ष के कई सदस्य खड़गे का साथ देते नजर आए। इसके जवाब में राठौर ने कहा कि आजकल यह चलन चल पड़ा है कि कुछ भी होता है तो उसके लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया जाए।

मंत्री ने कहा कि विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है और इसलिए निजी मीडिया संस्थानों के मामले में भी सरकार को जिम्मेदार ठहरा रहा है। शून्यकाल के दौरान कई अन्य सदस्यों ने भी विभिन्न मुद्दे उठाए।

भाजपा के मनोज राजौरिया ने राजस्थान के करौली में केंद्रीय विद्यालय बनाए जाने की मांग की। बीजद के प्रभाष कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार को ओडिशा में धान की खरीद में राज्य की मदद करनी चाहिए।

शिवसेना के श्रीकांत शिंदे ने मुंबई और आसपास के इलाकों में कुछ डाकघरों की जर्जर स्थिति का मुद्दा उठाया और कहा कि केंद सरकार इनकी मरम्मत के लिए मदद करे। भाजपा के गणेश सिंह और कांग्रेस के आर ध्रुवनारायण ने भी अपने अपने क्षेत्र से संबंधित विषय उठाए।
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