केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के नेतृत्व में डिजिटल अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में अवसरों का तेजी से विस्तार हुआ है और इसमें इंटरनेट उपभोक्ता तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा प्लस अर्थव्यवस्था, इलेक्ट्रॉनिक्स, अंतरिक्ष, ऑटोमोबाइल, जैसे क्षेत्रों को कवर किया गया है।
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि कोविड के बाद जिस तरह इलेक्ट्रॉनिक्स वैश्विक शृंखलाओं को नए सिरे से आकार दिया जा रहा है, भारत केवल डिजाइनिंग ही नहीं, बल्कि अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी और अगली पीढ़ी के उत्पादों और उपकरणों के विनिर्माण के मामले में भी अधिक प्रासंगिक होता जा रहा है।
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वह बंगलूरू में बृहस्पतिवार को एमईआईटीवाई-नैसकॉम सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई)- आईओटी एंड एआई की ओर से आयोजित डीप टेक समिट- स्वदेशी नवाचार के माध्यम से बदलाव (ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू इंडीजिनस इनोवेशन) को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि 2014 तक, आईटी/आईटीईएस क्षेत्र ने ज्यादातर भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था का प्रतिनिधित्व किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के सत्ता में आने के बाद डिजिटल अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में अवसरों का तेजी से विस्तार हुआ है और इसमें इंटरनेट उपभोक्ता तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा प्लस अर्थव्यवस्था, इलेक्ट्रॉनिक्स, अंतरिक्ष, ऑटोमोबाइल, जैसे क्षेत्रों को कवर किया गया है।
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अर्थव्यवस्था के जिन वर्गों का मामूली डिजिटलीकरण किया गया था, उनमें से प्रत्येक अब डिजिटलीकरण और डीप टेक के जोड़ पर भविष्य तैयार करते हुए आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के नेतृत्व में, डीप टेक, इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर क्षेत्र और अगली पीढ़ी के उत्पादों और उपकरणों का डिजाइन और विनिर्माण हमारी डिजिटल अर्थव्यवस्था, स्टार्टअप और युवा भारतीयों के आकर्षण का महत्वपूर्ण केंद्र बनने जा रहे हैं।