केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने शुक्रवार को नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के यात्राओं पर सवाल किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के बिना सूचना दिए विदेश यात्रा करना गंभीर सवाल खड़ा करती हैं। उन्होंने आगे कहा कि सांसद को अपनी यात्रा के बारे में 3 सप्ताह पहले सूचना देना अनिवार्य है।
भारत से बाहर कितने दिन रहे?
अगर कोई सांसद विदेश में आतिथ्य सत्कार स्वीकार करता है, तो उसे आमंत्रित करने वाली एजेंसियों या संगठनों द्वारा वहन किया जाने वाला खर्च एफसीआरए के अंतर्गत आएगा। राहुल गांधी 2004 से सांसद हैं और उनकी 54 विदेश यात्राएं दर्ज की गई हैं। यह केवल 54 यात्राओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भी महत्वपूर्ण है कि वे भारत से बाहर कितने दिन रहे और उन्होंने कितना खर्च किया।
विदेश यात्राएं क्यों की, जानकारी दे
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा 'राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी से मेरा अनुरोध है कि वह नियमों का पालन करें और अधिकारियों को आवश्यक जानकारी दें। उन्हें प्रस्तावित विदेश यात्रा से 3 सप्ताह पहले लोकसभा अध्यक्ष को सूचित करना होगा। अगर उन्हें विदेश में आतिथ्य सत्कार स्वीकार करना है, तो उन्हें एफसीआरए के तहत गृह मंत्रालय को सूचित करना होगा। इसलिए, मैं राहुल गांधी से अनुरोध करता हूं कि वे स्पष्ट करें कि उन्होंने इतनी विदेश यात्राएं क्यों की हैं।'
देश के कानूनों का पालन करना चाहिए-रिजिजू
उन्होंने आगे कहा 'यात्रा करना उनकी स्वतंत्रता है, लेकिन उन्हें यह बताना होगा कि उन्हें किसने आमंत्रित किया है। भारत के बाहर की एजेंसियों/संगठनों ने उनके नाम पर क्या खर्च किए है? मेरा मानना है कि हर भारतीय को देश के कानूनों का पालन करना चाहिए। खासकर सांसदों को। अगर कुछ होता है, तो कोई कार्रवाई शुरू की जाती है। राहुल गांधी या किसी विशेष व्यक्ति को निशाना बनाने के लिए सरकार को दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए। कानून सबके लिए है।