केंद्रीय मंत्री ने कहा 'उन्हें (प्रज्ज्वल) विदेश से वापस लाने के लिए भारत सरकार तैयार है और राज्य सरकार को सहयोग कर रही है, लेकिन ऐसा नहीं है कि वो चिट्ठी लिखें और चीजें हो जाएं, या भाजपा पर आरोप मढ़ दें, ये ठीक नहीं है।
केंद्रीय मंत्री प्रलहाद जोशी ने गुरुवार को अपने एक बयान में कहा कि केंद्र सरकार प्रज्ज्वल रेवन्ना को वापस भारत लाने के लिए सहयोग के लिए तैयार है। उन्होंने कहा राजनयिक पासपोर्ट को खारिज करने की एक प्रक्रिया है। जेडीएस सांसद प्रज्ज्वल रेवन्ना पर कई महिलाओं का शारीरिक शोषण करने का आरोप है। प्रज्ज्वल मामले के खुलासे के बाद राजनयिक पासपोर्ट पर जर्मनी चले गए थे। अब राज्य सरकार प्रज्ज्वल को वापस लाने की कोशिश कर रही है। इस पर जोशी ने राज्य सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने उन्हें रोकने की कोशिश क्यों नहीं की।
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सीएम ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र
कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखकर प्रज्ज्वल रेवन्ना का राजनयिक पासपोर्ट रद्द करने की मांग की है ताकि प्रज्ज्वल को जल्द भारत लाया जा सके। कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने भी आरोप लगाया है कि प्रज्ज्वल रेवन्ना का राजनयिक पासपोर्ट रद्द करने की मांग पर केंद्र सरकार ने अभी तक प्रतिक्रिया नहीं दी है। जब इसे लेकर केंद्रीय मंत्री प्रलहाद जोशी से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा केंद्र सरकार मदद के लिए तैयार है, लेकिन राजनयिक पासपोर्ट रद्द कराने की एक प्रक्रिया है।
केंद्रीय मंत्री ने राज्य सरकार पर लगाए आरोप
इसके बाद राज्य की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए प्रलहाद जोशी ने कहा 'अश्लील वीडियो की पहली पेन ड्राइव 21 अप्रैल को सामने आई थी और प्रज्ज्वल रेवन्ना 27 अप्रैल को विदेश गए। तो क्या सात दिनों तक वे (राज्य सरकार) गधों की रखवाली कर रहे थे? उन्होंने एफआईआर दर्ज करके उन्हें (प्रज्ज्वल रेवन्ना) पकड़ा क्यों नहीं?' केंद्रीय मंत्री ने कहा 'उन्हें (प्रज्ज्वल) विदेश से वापस लाने के लिए भारत सरकार तैयार है और राज्य सरकार को सहयोग कर रही है, लेकिन ऐसा नहीं है कि वो चिट्ठी लिखें और चीजें हो जाएं, या भाजपा पर आरोप मढ़ दें, ये ठीक नहीं है। उन्होंने (राज्य सरकार) वोक्कालिगा वोटों के लिए पहले चरण के चुनाव तक कोई कार्रवाई नहीं की और अब वे केंद्र सरकार पर आरोप लगा रहे हैं।'
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कथित तौर पर प्रज्वल हसन के मतदान के एक दिन बाद 27 अप्रैल को जर्मनी के लिए रवाना हो गए और अभी भी फरार हैं। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के माध्यम से एसआईटी के अनुरोध के बाद, इंटरपोल द्वारा उसके ठिकाने के बारे में जानकारी मांगने वाला एक 'ब्लू कॉर्नर नोटिस' पहले ही जारी किया जा चुका है।