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जावड़ेकर ने कहा- गुमराह किए गए आंदोलनरत किसान, राहुल को दी खुली बहस की चुनौती

Fri, 25 Dec 2020 11:18 PM IST
गौरव पाण्डेय पीटीआई, चेन्नई
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केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर - फोटो : एएनआई (फाइल)
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केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि हाल में पारित तीन कृषि कानूनों का विरोध कर रहे कुछ किसानों को उनके 'राजनीतिक आकाओं' ने गुमराह किया है। जावड़ेकर ने कहा कि वे चीजों को ऐसे पेश कर रहे हैं कि जैसे किसान उनके साथ हैं। उन्होंने कहा कि फसलों के लिए सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) एक प्रशासनिक निर्णय है जो सदियों से अच्छी तरह काम कर रहा है और यह व्यवस्था जारी रहेगी।

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कृषि कानूनों के विरोध को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए जावडेकर ने कहा, 'वह पखवाड़े में एक बार ही तो लोगों के सामने आते हैं।' उन्होंने गांधी को इन केंद्रीय कानूनों पर खुली बहस की चुनौती दी। केंद्रीय पर्यावरण एवं सूचना मंत्री ने कहा कि भारत में किसान कृषि कानूनों और अन्य किसानोन्मुख पहल जैसे प्रधानमंत्री किसान योजना से खुश हैं। उन्होंने कहा कि सरकार हमेशा ही किसानों से बातचीत के लिए तैयार है।


भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तमिलनाडु इकाई की ओर से मरैमलई नगर के समीप आयोजित सभा में किसानों को संबोधित करते हुए जावडेकर ने दावा किया, 'पंजाब के किसानों को पिछली संप्रग सरकार की तुलना में राजग के शासनकाल में हर साल न्यूनतम समर्थन मूल्य के रूप में दोगुनी धनराशि मिली है। उनकी आय पहले ही दोगुनी हो गई है और वे इसे महसूस भी कर रहे हैं। इस पर भी, वे आंदोलन कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें गुमराह किया जा रहा है।'
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उन्होंने कहा कि कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन देश भर में बहस का बड़ा विषय हो गया है, क्योंकि कुछ किसानों और उनके राजनीतिक आकाओं ने दिल्ली और उसके आसपास आंदोलन छेड़ा और यह दिखाया कि यह अखिल भारतीय आंदोलन है और भारत के किसानों के पक्ष में है। केंद्रीय  मंत्री जावड़ेकर ने कहा , लेकिन सभी जगह किसान नए कानूनों से खुश हैं और केंद्र सरकार की ओर से किसानों के कल्याण के लिए योजनाएं जारी रहेंगी।'

यहां संवाददाता सम्मेलन में यह पूछे जाने पर कि क्या एमएसपी को संवैधानिक ढांचा प्रदान किया जाएगा, खासकर तब जब सरकार ने किसानों को स्पष्ट आश्वासन दिया है कि एमएसपी जारी रहेगा, तो प्रकाश जावड़ेकर ने कहा समर्थन मूल्य हमेशा एक प्रशासनिक फैसला रहा है। उन्होंने कहा, 'एमएसपी एक प्रशासनिक फैसला रहा है और यह पिछले 55 सालों से लगातार काम कर रहा है। हम इस व्यवस्था को जारी रखेंगे जो पिछले 55 साल से चल रही है।'

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किसानों को पीएम किसान निधि का लाभ नहीं लेने दे रही ओडिशा सरकार: धर्मेंद्र प्रधान

केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शुक्रवार को ओडिशा की बीजद सरकार पर हमला करते हुए कहा कि सरकार राज्य के किसानों को प्रधानमंत्री किसान निधि योजना का लाभ नहीं लेने दे रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किसानों से बातचीत के कार्यक्रम के तहत जगतसिंहपुर जिले के जापा ब्लॉक में आयोजित सभा में प्रधान ने राज्य सरकार पर यह आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने पिछले छह साल में विभिन्न योजनाओं के तहत ओडिशा के किसानों को 60,000 करोड़ रुपये दिए। प्रधान ने कहा कि नए कृषि कानूनों का उद्देश्य किसानों को आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों की पूरी सूची उपलब्ध नहीं करा रही है ताकि ओडिशा के जरूरतमंद किसानों को प्रधानमंत्री किसान निधि योजना का लाभ नहीं पहुंच सके।

उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत प्रत्येक जरूरतमंद किसान को साल में छह हजार रुपये मिलते हैं। केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि केंद्र द्वारा ओडिशा के विकास के लिए ढेर सारा पैसा दिया जा रहा है , लेकिन इस राशि का दुरुपयोग किया जा रहा है।

प्रधान ने कहा, 'मोदी सरकार के सुशासन के तहत, राशि सीधे किसानों के बैंक खाते में जाती है। हालांकि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रधानमंत्री किसान निधि योजना के लिए राज्य सरकार किसानों की सूची नहीं भेज रही है।' कांग्रेस या किसी अन्य पार्टी का नाम लिए बिना प्रधान ने कृषि कानूनों का विरोध करने वालों की भी आलोचना की।

उन्होंने कहा कि शुरुआत में राज्य सरकार ने पीएम किसान निधि योजना के लिए 43 लाख किसानों की सूची भेजी थी जिसके बाद केंद्र सरकार द्वारा धन जारी किया गया था। प्रधान ने कहा, 'मैं यह नहीं समझ पा रहा हूं कि राज्य सरकार किसानों की पूरी और अंतिम सूची क्यों नहीं भेज रही है और किसानों की संख्या कम करने पर क्यों तुली है।'
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