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Toll Tax: अब बार-बार नहीं भरना होगा टोल टैक्स, 'पास' जारी करने पर विचार कर रही केंद्र सरकार

Wed, 15 Jan 2025 09:00 PM IST
राहुल कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Nitin Gadkari: नितिन गडकरी ने कहा कि टोल संग्रह बूथ गांवों के बाहर स्थापित किए जाएंगे, ताकि ग्रामीणों की आवाजाही में बाधा न आए। टोल राजस्व का 74 प्रतिशत हिस्सा वाणिज्यिक वाहनों से आता है।
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टोल टैक्स - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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लोगों को बार-बार टोल टैक्स देने से जल्द छुटकारा मिलने वाला है।  केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को कहा कि सरकार राष्ट्रीय राजमार्गों पर निजी वाहनों से टोल संग्रह के बदले मासिक और वार्षिक पास शुरू करने पर विचार कर रही है, क्योंकि कुल वसूली में निजी वाहनों की हिस्सेदारी केवल 26 प्रतिशत है। नितिन गडकरी ने यह भी कहा कि टोल संग्रह बूथ गांवों के बाहर स्थापित किए जाएंगे, ताकि ग्रामीणों की आवाजाही में बाधा न आए। टोल राजस्व का 74 प्रतिशत हिस्सा वाणिज्यिक वाहनों से आता है। हम निजी वाहनों के लिए मासिक या वार्षिक पास शुरू करने पर विचार कर रहे हैं।

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जीएनएसएस प्रणाली लागू करने जा रही है सरकार
उन्होंने कहा कि कुल टोल संग्रह में निजी वाहनों की हिस्सेदारी केवल 26 प्रतिशत है, इसलिए सरकार को कोई नुकसान नहीं होगा। गडकरी ने कहा कि सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने शुरुआत में राष्ट्रीय राजमार्गों पर फास्टैग के साथ एक अतिरिक्त सुविधा के रूप में बाधा रहित वैश्विक नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (जीएनएसएस) आधारित टोल संग्रह प्रणाली को लागू करने का फैसला किया है।

उन्होंने कहा, ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (जीएनएसएस) आधारित टोल संग्रह प्रणाली वर्तमान टोल संग्रह प्रणाली से बेहतर होगी। पिछले साल जुलाई में गडकरी ने कहा था कि जीएनएसएस आधारित उपयोगकर्ता शुल्क संग्रह प्रणाली के संबंध में कर्नाटक में राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच)-275 के बेंगलुरु-मैसुरु खंड और हरियाणा में एनएच-709 के पानीपत-हिसार खंड पर एक प्रायोगिक अध्ययन किया गया है।

टोल कर लाइन से मिलेगी राहत
इस कदम का उद्देश्य यातायात की भीड़ को कम करना और राजमार्गों पर यात्रा के लिए सटीक दूरी के आधार पर शुल्क लेना है। वित्त वर्ष 2018-19 के दौरान टोल प्लाजा पर वाहनों के लिए औसत प्रतीक्षा समय आठ मिनट था। वित्त वर्ष 2020-21 और 2021-22 के दौरान फास्टैग की शुरुआत के साथ वाहनों का औसत प्रतीक्षा समय घटकर 47 सेकंड रह गया है। हालांकि कुछ स्थानों पर, विशेषकर शहरों के निकट घनी आबादी वाले कस्बों में प्रतीक्षा समय में काफी सुधार हुआ है, फिर भी व्यस्त समय के दौरान टोल प्लाजा पर कुछ देरी होती है।

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