केंद्रीय मंत्री ने कहा, हम सभी जानते हैं कि देश में रोजगार के सृजन में निर्माण क्षेत्र का बड़ा योगदान है। देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में योगदान के मामले में यह कृषि के बाद दूसरे नंबर पर आता है।
अपनी बेबाकी के लिए मशहूर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के निशाने पर इस बार सरकारी तंत्र है। उन्होंने देश में ज्यादातर परियोजनाओं में देरी के लिए सरकारी तंत्र को जिम्मेदार ठहराया। गडकरी ने शक्रवार को एससीएल इंडिया-2021 सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कही।
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उन्होंने कहा, मैं किसी के खिलाफ किसी तरह का आरोप नहीं लगाना चाहता, लेकिन सच्चाई यह है कि सिस्टम के कारण अधिकांश प्रोजेक्ट अटके हुए हैं। सरकारी सिस्टम में फैसला नहीं लिया जाता है या फिर निर्णय लेने में देरी की जाती है। इस कारण अधिकांश परियोजनाएं अटक जाती हैं और इन्हें पूरा करने में देरी होती है। इसकी वजह से परियोजनाओं की लागत भी बढ़ जाती है। हालांकि केंद्र की ओर से अर्थव्यवस्था को गति देने के मकसद से राष्ट्रीय अवसंरचना पाइपलाइन (एनआईपीपी) के जरिए 2025 तक कार्यक्रम तैयार किया गया है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा, हम सभी जानते हैं कि देश में रोजगार के सृजन में निर्माण क्षेत्र का बड़ा योगदान है। देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में योगदान के मामले में यह कृषि के बाद दूसरे नंबर पर आता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई है जिसमें खनन, रेलवे, पर्यावरण सहित कई मंत्रालयों के मंत्री शामिल हैं। यह कमेटी ढांचागत परियोजनाओं से जुड़े मामलों को सुलझाने का प्रयास करती है।