गडकरी ने कहा कि हर साल लाखों लोग सड़क हादसों की भेंट चढ़ जाते हैं। हम प्रतिभाशाली डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक और बुद्धिजीवी खो देते हैं। इन सबका कारण लोगों का गलत व्यवहार है। उन्होंने कहा कि मानव व्यवहार को बदलना बहुत कठिन है।
केंद्रीय सड़क परिवहन और राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि सड़क हादसों में भारत का पहले स्थान पर आना गर्व का नहीं चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि देश के लिए यह गर्व का विषय है कि हमारे पास वैश्विक स्तर की सड़कें मिल चुकी हैं। लोगों के पास पैसा है और वे अच्छी-अच्छी गाड़ियां खरीद रहे हैं। लेकिन वाहन चलाते समय मोबाइल का इस्तेमाल दुर्घटनाओं को बढ़ा रहा है। लेकिन इसके बाद भी लोग जागरूक नहीं हो रहे हैं। यह दुर्भाग्य का विषय है। गडकरी ने आईआईएसएसएम के ग्लोबल कॉन्क्लेव में आज ये बात कही।
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गडकरी ने कहा कि हर साल लाखों लोग सड़क हादसों की भेंट चढ़ जाते हैं। हम प्रतिभाशाली डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक और बुद्धिजीवी खो देते हैं। इन सबका कारण लोगों का गलत व्यवहार है। उन्होंने कहा कि मानव व्यवहार को बदलना बहुत कठिन है। बड़े पैमाने पर लोगों को प्रशिक्षण देने की जरूरत है। लोग वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात करना नहीं छोड़ते। लोग हर बात जानने के बाद भी हेलमेट नहीं पहनना चाहते।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सुरक्षा कई क्षेत्रों से जुड़ी है, लेकिन हमें सड़क सुरक्षा पर अधिक ध्यान देना चाहिए। यह हमारे देश के 1.5 लाख लोगों को हर साल हमसे छीन लेता है। हमें देश को आत्मनिर्भर बनाना है, कुशल इंजीनियरों को तैयार करना है और दुनिया की सबसे बेहतरीन सड़कें-गाड़ियां बनानी हैं। लेकिन इसके लिए लोगों को अपना व्यवहार भी बदलना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रबंधन, प्रशिक्षण और अनुसंधान कभी रुकना नहीं चाहिए।
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इस अवसर पर पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. आरके सिन्हा ने कहा कि वे स्कूली स्तर से छात्रों को सड़क नियमों का प्रशिक्षण देकर जागरूक करने के लिए काम शुरू कर रहे हैं। सड़कों की सुरक्षा के प्रति बच्चों को जागरूक कर सबसे बेहतर बदलाव किया जा सकता है। इससे देश की भावी पीढ़ी सड़कों पर चलने के समय ज्यादा सतर्क और गंभीर रहेगी। इससे आने वाले समय में इस तरह के हादसों को रोकने में मदद मिलेगी।