मोदी कैबिनेट के केंद्रीय मंत्रियों के लाल बत्ती के इस्तेमाल पर रोक लगाने के बाद केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग तथा जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी ने अपनी कार से लाल बत्ती को हटा दिया है।
सरकार ने अपने इस फैसले को 1 मई से लागू करने की मंजूरी दी है लेकिन नीतिन गडकरी ने 1 मई का इंतजार न कर पहले ही गाड़ी से लाल बत्ती को हटा दिया। नीतिन गडकरी ने कहा कि 'अब सिर्फ आपातकालीन वाहनों को ही लाल बत्ती की लगाने की अनुमति होगी, मैंने आज ही अपनी गाड़ी से लाल बत्ती को हटा दिया है।'
मोदी कैबिनेट ने राज्य में लाल बत्ती लगाने का फैसला राज्य सरकारों पर छोड़ दिया है। हालांकि यह फैसला राष्ट्रपति, उप-राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, चीफ जस्टिस और लोकसभा स्पीकर पर भी लागू होगा। गौरतलब है कि सरकार ने वीवीआईपी कल्चर को समाप्त करने के लिए ये कदम उठाए हैं।
बता दें कि इस प्रस्ताव पर सड़क परिवहन मंत्रालय काफी लंबे समय काम कर रहा था। वहीं इससे पहले पीएमओ ने इस मुद्दे पर चर्चा के लिए कैबिनेट मीटिंग भी की थी। मामला पिछले डेढ़ साल से पीएमओ में लंबित था।
बता दें कि केंद्र सरकार में 32 कैबिनेट मंत्रियों और कुछ अन्य लोगों की गाड़ियों पर लाल बत्ती लगाने की अनुमति दी जाती है, जो कैबिनेट मंत्री के पद के बराबर माने जाते हैं। वहीं राज्यों में मंत्रियों की संख्या इससे अधिक होती है।