केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी
- फोटो : अमर उजाला
केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने हज यात्रियों के पहले जत्थे के दिल्ली से रवाना होने से पहले रविवार को कहा कि हज सब्सिडी वापस लिए जाने के बाद भी उन पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह इस बात का सबूत है कि सब्सिडी के नाम पर दशकों से 'राजनीतिक छल' चल रहा था।
उन्होंने ट्वीट कर कहा, "मोदी सरकार की ओर से किए गए अहम सुधारों ने हज की प्रक्रिया को पारदर्शी बना दिया है। पूरी हज प्रक्रिया को शत प्रतिशत डिजिटल/ऑनलाइन बनाया गया है। इसमें डिजिटल हेल्थ कार्ड, ई-मसीहा स्वास्थ्य सुविधा और ई-सामान प्री-टैगिंग सुविधा शामिल है। इसके तहत भारत में ही हज यात्रियों को मक्का-मदीना में उपलब्ध आवास/परिवहन के संबंध में सभी जानकारी दे दी जाती है।"
नकवी ने रविवार को यहां कुछ हज यात्रियों से बातचीत भी की। गौरतलब है कि हज के लिए उड़ानें सोमवार सुबह दिल्ली केंद्र से शुरू होंगी। दिल्ली से कुल 20 विमान 8,256 हज यात्रियों लेकर जाएंगे। नकवी ने कहा कि कुल 79,237 भारतीय मुसलमान इस साल हज के लिए जा रहे हैं। इनमें से 50 फीसदी महिलाएं हैं।
उन्होंने कहा कि कुल 56,601 भारतीय मुसलमान हज कमेटी ऑफ इंडिया और 22,636 हज ग्रुप ऑर्गनाइजर्स (एचजीओ) के माध्यम से जा रहे हैं। अहमदाबाद, बेंगलुरु, कोच्चि, दिल्ली, गुवाहाटी, हैदराबाद, कोलकाता, लखनऊ, मुंबई और श्रीनगर रवानगी केंद्र हैं। उन्होंने बताया कि सऊदी अधिकारियों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार हज यात्रियों की सऊदी अरब के लिए प्रस्थान से 72 घंटे पहले आरटी-पीसीआर जांच की जा रही है।