तीन तलाक पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर ने लोकसभा में कहा कि बिल के कानून बनने से 9 करोड़ मुस्लिम महिलाओं को हर समय तलाक दिए जाने के डर से निजात मिल जाएगी। तीन तलाक पर कानून से देश और समुदाय को फायदा होगा और लैगिंक समानता को बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि यह कानून तीन तलाक का डर दिखाकर महिलाओं को दबाकर रहने वाले पुरुषों के लिए बड़ा झटका है। पवित्र कुरान की कुछ आयतों का जिक्र करते हुए कहा कि इस्लाम में महिलाओं को बराबरी का हक दिया गया है।
उन्होंने कहा कि कानून पूरी तरह से आदर्श नहीं है लेकिन आदर्श की राह देखते हुए अच्छे काम को खत्म नहीं कर सकते। उन्होंने ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाए और कहा कि यह कुछ एक जैसी मानसिकता वाले लोगों की संस्था है और यह पूरे मुस्लिम समाज की राय को प्रदर्शित नहीं करता।
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मंत्री ने कहा कि इस्लाम खतरे में है, यह नारा आजादी से पहले देश को बांटने के लिए लगाया जाता था। आज भी यही कहकर समाज में जहर फैलाया जा रहा है जबकि कोई भी सच्चा मुस्लिम यह नहीं मानेगा कि इस्लाम खतरे में है। हकीकत यह है कि तीन तलाक के खिलाफ कानून से मुस्लिम पुरुषों की जबरदस्ती खतरे में है।