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वायु प्रदूषण से सौर ऊर्जा तक: भारत की बड़ी वैज्ञानिक उपलब्धि, राष्ट्रीय पर्यावरण मानक प्रयोगशाला का उद्घाटन

Mon, 05 Jan 2026 11:21 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सीएसआईआर-एनपीएल में राष्ट्रीय पर्यावरण मानक प्रयोगशाला और सौर सेल अंशांकन सुविधा का उद्घाटन किया। ये अत्याधुनिक केंद्र वायु प्रदूषण निगरानी और सौर मापन में भारत को आत्मनिर्भर बनाएंगे, विदेशी निर्भरता घटेगी, सटीक डेटा मिलेगा और पर्यावरण व स्वच्छ ऊर्जा नीति को मजबूती मिलेगी।

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केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह - फोटो : ANI Photos
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विस्तार
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केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सोमवार को राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला (सीएसआईआर-एनपीएल) परिसर में राष्ट्रीय पर्यावरण मानक प्रयोगशाला (राष्ट्रीय पर्यावरण मानक प्रयोगशाला-एनएसईएल) का उद्घाटन किया। यह प्रयोगशाला वायु प्रदूषण की निगरानी करने वाले उपकरणों की जांच और अंशांकन के लिए स्थापित की गई है और दुनिया में ऐसी गिनी-चुनी अत्याधुनिक सुविधाओं में से एक है।

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इस अवसर पर डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह प्रयोगशाला भारत की पर्यावरणीय शासन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इससे अब भारत को प्रदूषण निगरानी उपकरणों के प्रमाणन के लिए विदेशी एजेंसियों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, जिससे विदेशी मुद्रा की बचत होगी, परीक्षण की प्रक्रिया तेज होगी और देश में निवेशकों का भरोसा और मजबूत होगा।

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सोलर ऊर्जा क्षेत्र को भी मिला नया संबल
इसके साथ ही मंत्री ने राष्ट्रीय प्राथमिक मानक सौर सेल अंशांकन सुविधा (नेशनल प्राइमरी स्टैंडर्ड फैसिलिटी फॉर सोलर सेल कैलिब्रेशन) का भी उद्घाटन किया, जिसे उन्होंने भविष्य के लिए तैयार सुविधा बताया। उन्होंने कहा कि इस केंद्र के माध्यम से भारत अब फोटोवोल्टिक मापन मानकों के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व करने वाले चुनिंदा देशों की श्रेणी में शामिल हो गया है।

सीएसआईआर-एनपीएल के 80वें स्थापना दिवस पर संबोधन
सीएसआईआर-एनपीएल के 80वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए डॉ. सिंह ने यह भी कहा कि जहां राष्ट्रीय पर्यावरण मानक प्रयोगशाला भारत के लिए पर्यावरणीय शासन में एक बड़ा बदलाव लाएगी, वहीं राष्ट्रीय प्राथमिक मानक सुविधा भारत को सौर मेट्रोलॉजी के क्षेत्र में एक एलीट ग्लोबल लीग का सदस्य बनाती है।

उन्होंने कहा कि भारत की जलवायु परिस्थितियों के अनुरूप वायु प्रदूषण निगरानी उपकरणों का विश्वसनीय और सटीक अंशांकन लंबे समय से आवश्यक था। अब इस सुविधा के शुरू होने से पारदर्शी, सटीक और प्रमाणिक पर्यावरणीय डेटा उपलब्ध हो सकेगा, जो नीति निर्माण और क्रियान्वयन में बेहद सहायक होगा।

उद्योगों, नियामक संस्थाओं और स्टार्टअप्स को लाभ
नई प्रयोगशाला से नियामक निकायों, उद्योगों और स्टार्टअप्स को सीधा लाभ मिलेगा। यहां उपकरणों की जांच भारतीय जलवायु परिस्थितियों में की जाएगी, जिससे राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम जैसे अभियानों के तहत नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन में मदद मिलेगी। पर्यावरण मंत्रालय ने सीएसआईआर–एनपीएल को देश में उत्सर्जन और परिवेशी वायु प्रदूषण निगरानी उपकरणों के सत्यापन और प्रमाणन की आधिकारिक एजेंसी के रूप में नामित किया है।

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किन उपकरणों की होगी जांच

राष्ट्रीय पर्यावरण मानक प्रयोगशाला में विभिन्न प्रकार के प्रदूषण निगरानी उपकरणों की कार्यक्षमता का परीक्षण किया जाएगा, जिनमें प्रमुख रूप से ऑनलाइन कंटीन्यूअस एमिशन मॉनिटरिंग सिस्टम (OCEMS) कंटीन्यूअस एंबिएंट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम (CAAQMS) शामिल हैं।

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