केंद्रीय मंत्री व भाजपा नेता हरदीप सिंह पुरी ने एशिया पावर इंडेक्स में भारत की बढ़त का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और वैश्विक रणनीति को दिया है। सिडनी स्थित लोवी इंस्टीट्यूट के 2024 एशिया पावर इंडेक्स में भारत को दुनिया का तीसरा सबसे शक्तिशाली देश बताया गया है। यह सिर्फ अमेरिका और चीन से पीछे है।
दूरगामी व सकारात्मक प्रभाव होंगे : नीतीश
जदयू प्रमुख व बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा, पदोनों देशों के बीच निवेश बढ़ाने को लेकर लिए गए निर्णय स्वागत योग्य हैं। इनसे अत्याधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में निवेश बढ़ेगा और विकास के नए रास्ते खुलेंगे। इस यात्रा के दूरगामी एवं सकारात्मक प्रभाव होंगे, इसके लिए पीएम मोदी को बधाई। बिहार के लोग इन घोषणाओं और उनसे उत्पन्न होने वाले नये अवसरों से उत्साहित हैं।
मोदी एक वैश्विक नेता, ट्रेंडसेटर : शिंदे
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा, प्रधानमंत्री मोदी की अमेरिका यात्रा ने एक बार फिर दिखा दिया है कि वे एक वैश्विक राजनेता और ट्रेंडसेटर क्यों हैं। एक छोटी सी यात्रा में, वे कई क्षेत्रों को कवर करने में सक्षम रहे हैं, जो भारत की प्रगति की यात्रा को मजबूत करेगा।
देश को फायदा ही फायदा : मांझीे
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा, पीएम नरेंद्र मोदी एक वैश्विक नेता और मां भारती के पुत्र हैं। उनकी अमेरिका यात्रा से देश को फायदा ही फायदा होगा। उन्होंने जो महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकें कीं वह राष्ट्र के प्रगति के लिए सार्थक होंगी। मांझी ने कहा, मोदी के संयुक्त राष्ट्र में दिए संबोधन को दुनिया याद रखेगी।
दुनिया में भारत का कद बढ़ा : शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सफल अमेरिका यात्रा के लिए पीएम मोदी को बधाई देते हुए कहा कि इस यात्रा से मोदी के कूटनीतिक सिद्धांत मजबूत हुए। पीएम मोदी ने पिछले 10 वर्षों में भारत को वैश्विक परिवर्तनकर्ता के रूप में आगे बढ़ाया है। मोदी के नेतृत्व ने भारत का कद बढ़ाया है। दुनिया में हर कोई आज भारत को साझेदार के रूप में स्वीकार कर रहा है। मोदी की अमेरिका यात्रा दुनिया भर में प्रधानमंत्री की बेजोड़ लोकप्रियता को दर्शाती है।
वैश्विक कूटनीति में देश की भूमिका दिखी : विशेषज्ञ
विदेश मामलों के विशेषज्ञ रोबिंदर सचदेव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा वैश्विक कूटनीति में भारत की भूमिका को उजागर करती है। खासकर रूस-यूक्रेन संघर्ष के दौरान मोदी के नेतृत्व में भारत स्पष्ट और सक्रिय रुख अपना रहा है। उन्होंने कहा कि यह बदलाव उल्लेखनीय है, क्योंकि एशियाई शक्ति भारत यूरोप में संघर्ष में मध्यस्थता करने की स्थिति में है।