पाकिस्तानी नेता बिलावल भुट्टो के बयान पर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने करारा पलटवार किया है। उन्होंने कहा, 'जो पहलगाम में हुआ वह आतंकवादी हमला था। इसमें कोई गलतफहमी नहीं होनी चाहिए। हरदीप सिंह पुरी ने कहा, 'ऐसे बयानों को कोई महत्व नहीं देना चाहिए। जो लोग ऐसे बयान दे रहे हैं, वे खुद ही अपनी गलती समझ जाएंगे।'
केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने शनिवार को पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी के 'खून' वाले बयान पर जोरदार पलटवार किया। हरदीप पुरी ने कहा कि अगर सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया गया और पाकिस्तान को पानी नहीं मिला, तो बिलावल कूदने के लिए भी पानी नहीं ढूंढ पाएंगे।
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बिलावल भुट्टो ने भारत को दी थी धमकी
दरअसल, सिंध के सुक्कुर में शुक्रवार को एक जनसभा के दौरान बिलावल भुट्टो ने भारत को धमकी देते हुए कहा था, 'मैं भारत से कहना चाहता हूं कि सिंधु नदी हमारी थी, हमारी है और हमारी ही रहेगी। या तो इस नदी से पानी बहेगा या फिर उनका खून।' बिलावल भुट्टो का यह बयान तब आया जब भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के साथ अपने राजनयिक संबंधों को कमजोर कर दिया। इस हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे।
'अगर पानी नहीं मिलेगा तो बिलावल कहां कूदेंगे?'
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए हरदीप सिंह पुरी ने कहा, 'ऐसे बयानों को कोई महत्व नहीं देना चाहिए। जो लोग ऐसे बयान दे रहे हैं, वे खुद ही अपनी गलती समझ जाएंगे।' उन्होंने आगे तंज कसते हुए कहा, 'अगर पानी नहीं मिलेगा तो बिलावल कहां कूदेंगे? पहले खुद का खून बहाएं। ये उनके मूर्खतापूर्ण बयान हैं। वहां एक और आंटी हैं, शेरी रहमान, उन्होंने भी कुछ बेवकूफी भरी बातें की हैं। इन बयानों पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत नहीं है।'
पहलगाम हमले में पड़ोसी देश का हाथ- पुरी
हरदीप पुरी ने पहलगाम हमले को 'प्रायोजित आतंकवाद' करार दिया और कहा कि यह किसी एक व्यक्ति की हरकत नहीं थी, बल्कि इसमें एक पूरे पड़ोसी देश का हाथ है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के रक्षा मंत्री खुद पिछले 20 वर्षों से इस तरह की गतिविधियों की बात स्वीकार कर चुके हैं। पुरी ने कहा, 'जो पहलगाम में हुआ वह आतंकवादी हमला था। इसमें कोई गलतफहमी नहीं होनी चाहिए। ये सीमा पार से आए आतंकवादी थे, जिन्हें एक पड़ोसी देश ने भेजा था। अब वे खुद भी जिम्मेदारी ले रहे हैं। उनके रक्षा मंत्री ने कहा है कि वे बीते 20 सालों से ऐसा कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ कर दिया है कि पाकिस्तान को अब इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।'