केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने दावा किया है कि उद्धव ठाकरे को अंततः एनडीए में शामिल होना पड़ेगा। उन्होंने शिवसेना-यूबीटी में हुई हालिया टूट के लिए उद्धव के पुराने फैसलों को जिम्मेदार ठहराया, साथ ही राम मंदिर दान विवाद पर सख्त कार्रवाई और देश में यूसीसी लागू करने का पुरजोर समर्थन किया।
मध्य प्रदेश के इंदौर से एक बड़ी सियासी खबर सामने आ रही है। केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने मंगलवार को दावा किया कि एक दिन ऐसा आएगा जब शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे को भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में शामिल होना ही पड़ेगा। केंद्रीय मंत्री का यह बयान महाराष्ट्र की राजनीति में मचे ताजा घमासान के बीच आया है।
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शिवसेना (यूबीटी) में बड़ी टूट के बाद दावा
अठावले का यह बयान उद्धव ठाकरे गुट के नौ लोकसभा सदस्यों में से छह के एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने के ठीक एक दिन बाद आया है। इंदौर में पत्रकारों से चर्चा करते हुए अठावले ने कहा कि सांसदों को लगता है कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे एक मजबूत नेता हैं। सत्ताधारी एनडीए और महायुति में शामिल होने से ही उनके क्षेत्रों का विकास संभव है।
'हमारे साथ रहते तो नहीं टूटती पार्टी'
केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री ने कहा, 'ठाकरे कैंप के कई बड़े नेता लगातार एनडीए का दामन थाम रहे हैं। मुझे लगता है कि एक दिन खुद ठाकरे को भी एनडीए में आना होगा।' साल 2019 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अगर उद्धव ठाकरे हमारे साथ रहते, तो शिवसेना में यह फूट कभी नहीं पड़ती और पार्टी का नेतृत्व भी उन्हीं के पास सुरक्षित रहता। तब शिवसेना ने भाजपा से नाता तोड़कर कांग्रेस और एनसीपी के साथ सरकार बनाई थी।
राम मंदिर और यूसीसी पर भी बेबाक राय
अयोध्या में राम मंदिर के लिए मिले दान के वित्तीय प्रबंधन में कथित अनियमितताओं पर अठावले ने कहा कि भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उत्तर प्रदेश सरकार की एसआईटी इस मामले की जांच कर रही है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। इसके साथ ही उन्होंने समान नागरिक संहिता का समर्थन करते हुए कहा कि विपक्ष इसके खिलाफ झूठा प्रचार कर रहा है, जबकि इसके लागू होने से देश में हिंदू-मुस्लिम एकता बढ़ेगी और मुस्लिम समुदाय को बड़ा फायदा होगा।