कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सोमवार को लोकसभा में कहा कि सरकार हाईकोर्ट के न्यायाधीशों के तबादले पर नीति के लिए तैयार है। उन्होंने ये टिप्पणी अधिवक्ता (संशोधन) विधेयक पर बहस का जवाब देते हुए की, जिसे सोमवार को लोकसभा ने मंजूरी दे दी। मंत्री ने कहा कि कॉलेजियम की सिफारिश के बिना किसी भी न्यायाधीश की नियुक्ति, पदोन्नति या स्थानांतरण नहीं किया जाएगा। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सदस्य कल्याण बनर्जी की ओर से उठाए गए मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए मेघवाल ने कहा कि न्यायाधीशों पर स्थानांतरण नीति बनाने का सुझाव अच्छा है। उन्होंने कहा, हम इसे स्वीकार करते हैं।
मेघवाल ने कहा कि बनर्जी के सुझाव को आगे बढ़ाया जाएगा और भारत के मुख्य न्यायाधीशसे परामर्श करने के बाद अगर कोई नीति आती है तो हम आगे काम करेंगे।