केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला के पत्र में लिखा है कि वहां पर स्थानीय प्रशासन कोरोना के लॉकडाउन को गंभीरता से नहीं ले रहा था। सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क पहनना, इस नियम का पालन कहीं नहीं होता दिखा।
केंद्र की टीम ने कोलकाता और जलपाईगुड़ी सहित सात जिलों का दौरा किया था। वहां देखा गया कि रेंडम टेस्टिंग की कोई व्यवस्था नहीं थी। खासतौर पर भीड़ भरे इलाकों में कोरोना की जांच का कोई इंतजाम नहीं देखा गया।
खासतौर पर मजदूर तबके में कोरोना की जागरूकता के लिए कुछ नहीं किया गया। राज्य सरकार को मेडिकल स्टाफ को आईसीएमआर से पास किए गए पीपीई और एन95 मास्क मुहैया कराने चाहिए।