भाजपा सूत्रों के मुताबिक, शाह शुक्रवार की रात कोलकाता पहुंचना था। वह शनिवार से अपने अभियान की शुरुआत करने वाले थे। सबसे पहले उन्हें शनिवार को मायापुर में इस्कॉन मंदिर जाना और वहां पूजा अर्चना करनी थी। इसके बाद ठाकुरनगर क्षेत्र में एक जनसभा को संबोधित करना और शाम को पार्टी की सोशल मीडिया टीम के कार्यकर्ताओं को संबोधित करना था।
पूर्व भाजपा अध्यक्ष रविवार को हावड़ा के डुमुरजाला में जनसभा को संबोधित करने वाले थे। इस दिन वह अरविंदों भवन और बेलूर मठ का भी दौरा करने वाले थे। सूत्रों का कहना था कि शाह का बेलूर में रविवार को एक जूट मिल के कर्मचारी के घर पर दोपहर का भोजन करने का भी कार्यक्रम था।
बता दें कि पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए राज्य की 42 में से 18 सीटें जीती थीं। इसके बाद से भाजपा वहां की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के मुख्य प्रतिद्वंद्वी के रूप में उभरी है।
बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस की सरकार को लोकतांत्रिक तरीके से सत्ता से बेदखल करने के लिए भाजपा एड़ी-चोटी का जोर लगाए हुए है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री इस सिलसिले में लगातार राज्य का दौरा कर रहे हैं।
इस संबंध में प्रदेश भाजपा के एक नेता ने बताया था कि शनिवार सुबह शाह इस्कॉन, मायापुर जाएंगे। इसके बाद वह उत्तरी 24 परगना स्थित ठाकुरनगर जाएंगे, जो मतुआ समुदाय का गढ़ है। दिन में बाद में, वह पार्टी के सोशल मीडिया प्रकोष्ठ के साथ एक बैठक करेंगे। उनके कुछ अन्य कार्यक्रम भी हैं।
भाजपा की चुनावी तैयारियों का जायजा लेने के लिए शाह पार्टी के नेताओं के साथ एक बैठक भी करने वाले थे। इसके साथ ही भाजपा के सूत्रों के मुताबिक हावड़ा में होने वाली शाह की रैली में कुछ आश्चर्यजनक राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिल सकता था।
प्रदेश भाजपा प्रमुख दिलीप घोष ने भी कहा था कि हमारी पार्टी में तृणमूल कांग्रेस के जिन नेताओं के शामिल होने की संभावना है उनकी सूची सोशल मीडिया पर घूम रही है। मैं सिर्फ यही कह सकता हूं कि रविवार को कई आश्चर्यजनक चीजें देखने को मिलेंगी। राज्य की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए अप्रैल-मई में विधानसभा चुनाव होने की संभावना है। बहरहाल, शाह का दौरा टलने के साथ ही सियासी समीकरण बदलने की अटकलबाजी पर थोड़ी देर के लिए विराम लग गया है।
बता दें कि राज्य में सत्तारूढ़ दल तृणमूल कांग्रेस के अंदर बढ़ती बगावत के बीच शाह की यह यात्रा काफी अहम मानी जा रही थी। उल्लेखनीय है कि राज्य में कई मंत्री एवं तृणमूल कांग्रेस के विधायक अपनी पार्टी तथा राज्य सरकार के कामकाज के खिलाफ खुल कर बोल रहे हैं।
इस बीच, ये अटकलें भी तेज हो गई थीं कि कैबिनेट मंत्री पद से इस्तीफा दे चुके एवं तृणमूल कांग्रेस विधायक राजीब बनर्जी, तृणमूल कांग्रेस से निष्कासित विधायक बैशाली डालमिया और उत्तरपारा विधायक प्रबीर घोषाल भी शाह की यात्रा के दौरान भगवा पार्टी का दामन थाम सकते हैं।