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Amit Shah: केंद्रीय गृह मंत्री की भुज में सीमा सुरक्षा की समीक्षा, घुसपैठ रोकने के लिए कई मोर्चो पर नाकेबंदी

Sat, 30 May 2026 06:16 PM IST
Sandhya Kumari न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

अमित शाह ने भुज में सीमा सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए अंतरराष्ट्रीय सीमा से 15 किमी क्षेत्र में सभी अवैध अतिक्रमण हटाने, घुसपैठ और तस्करी पर सख्ती, आर्थिक अपराधों पर निगरानी तथा तटीय सुरक्षा मजबूत करने के निर्देश दिए। 
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केंद्रीय गृह मंत्री की गुजरात के भुज में भारत-पाकिस्तान सीमा पर सुरक्षा का समीक्षा बैठक। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 30 मई को गुजरात के भुज में भारत-पाकिस्तान सीमा से लगे सीमावर्ती और तटीय जिलों की सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सीमा प्रबंधन को अधिक सुदृढ़ और व्यापक बनाना था। उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों की चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित किया और राज्य सरकार, विशेषकर जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों की सक्रिय भूमिका पर बल दिया। बैठक में गुजरात के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

सीमा से 15 किमी क्षेत्र में हर अनधिकृत अतिक्रमण हटाने का निर्देश 

शाह ने कहा कि गुजरात के सुरक्षा परिदृश्य में बड़ा बदलाव आया है। बॉर्डर फेंसिंग, समुद्री सीमा सुरक्षा और राज्य सरकार की दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति के कारण राज्य में घुसपैठ और सीमा पर तस्करी पूरी तरह बंद हो गई है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सीमा के शून्य से 15 किलोमीटर क्षेत्र में हर अनधिकृत अतिक्रमण के प्रति शून्य सहिष्णुता दृष्टिकोण अपनाने को कहा। ऐसे सभी अतिक्रमणों को समाप्त करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने जिलाधिकारी को जनसांख्यिकी परिवर्तन की सख्त निगरानी और नियमित रिपोर्टिंग करने का निर्देश दिया। पहले से बसे घुसपैठियों को वापस भेजने के लिए पुलिस स्टेशन से लेकर पटवारी तक सभी को एकजुट होकर काम करने को कहा।

सीमा प्रबंधन और घुसपैठ पर रणनीति

स्थानीय प्रशासन को हर सीमावर्ती जिले की चुनौतियों और जरूरतों के आधार पर मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने का निर्देश दिया गया। इन एसओपी में पहले से बसे घुसपैठियों, ड्रोन गतिविधियों और नार्को तस्करी की पहचान सुनिश्चित करने को कहा गया। शाह ने कहा कि हर जिले में सुरक्षा समन्वय समूह बनाए जाएं। इन समूहों में सीमा सुरक्षा बल, तटरक्षक बल, आयकर विभाग, प्रवर्तन निदेशालय और अग्रणी बैंक के प्रबंधक शामिल हों। यह कदम सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा को मजबूत करेगा।

आर्थिक अपराधों पर रोक लगाने के लिए कड़े निर्देश

गृह मंत्री ने आर्थिक अपराधों से निपटने के लिए कड़े कदम उठाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आयकर, धन शोधन और सीमा शुल्क कानूनों के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और सीमा रेंज के महानिरीक्षक की होनी चाहिए। सीमावर्ती जिलों में हवाला लेनदेन, म्यूल खाते, शेल कंपनियों और संदिग्ध वाहनों पर कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया गया। जीएसटी संग्रह पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया। आर्थिक अपराध से निपटने वाली एजेंसियों को सीमा क्षेत्रों के बारे में कड़ाई से सूचित किया जाए।

तटीय सुरक्षा और विकास का भी निर्देश

शाह ने आयकर विभाग और भारतीय रिजर्व बैंक को मिलकर सर्वे की बड़ी मुहिम चलाने का निर्देश दिया। अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा से निकटता को देखते हुए तटीय सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया। भारतीय तटरक्षक बल के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। उन्होंने जीवंत ग्राम कार्यक्रम के साथ-साथ केंद्र सरकार और राज्य सरकार की हर योजना का सीमांत गांवों में 100 फीसदी कवरेज सुनिश्चित करने को कहा। 

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