केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में गृह मंत्रालय में गुरुवार को एक उच्च स्तरीय बैठक की गई। बैठक में देश में मौजूदा स्थितियों के बीच सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की गई।
जवाहलाल विश्वविद्याल (जेएनयू) प्रकरण, नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) पर देश के विभिन्न हिस्सों में चल रहे विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर आंतरिक सुरक्षा की समीक्षा के लिए गृह मंत्रालय में उच्चस्तरीय बैठक हुई।
गृहमंत्री अमित शाह की अगुवाई वाली इस बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल, खुफिया एजेंसी आईबी के निदेशक अरविंद कुमार, गृह सचिव अजय भल्ला समेत मंत्रालय के शीर्ष अधिकारी शामिल थे।
सूत्रों के मुताबिक प्रदर्शन की भीड़ में आतंकी गुर्गों के शामिल हो कर वारदात करने के खुफिया इनपुट को मंत्रालय काफी गंभीरता से ले रहा है। इससे पहले भी इस बावत आशंका जताई जा चुकी है। बैठक में इस मुद्दे पर लंबी मंत्रणा हुई है। इसके मद्देनजर सभी राज्यों को भी अलर्ट किया गया है। एनएसए और आईबी प्रमुख ने आंतरिक सुरक्षा पर गृहमंत्री को खासतौर पर ब्रिफ किया।
इसके अलावा जम्मू-कश्मीर के हालात पर भी चर्चा हुई। गौरतलब है कि पिछले महीने हुई सुरक्षा समीक्षा बैठक में जम्मू-कश्मीर के उप राज्यपाल जीसी मुर्मु और पूर्व सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने भी शिरकत की थी। उस बैठक में जम्मू-कश्मीर में आम जनता के लिए चल रही योजना और उसके सुरक्षा पहलुओं पर गहन मंत्रणा हुई थी।
सूत्रों के मुताबिक उस बैठक के मद्देनजर प्रदेश के मौजूदा हालात की सघन समीक्षा की गई है। घाटी का दौरा कर रहे कई देशों के राजनयिक के संभावित परिणाम का आकलन भी किया गया है।