केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने प्रयोगशाला और महामारी की निगरानी के लिए भारतीय सार्स कोविड-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम बनाया है। मंत्रालय ने देशभर में कोरोना वायरस की जीनोम सीक्वेंसिंग का विस्तार किया है, ताकि यह जाना जा सके कि वायरस कैसे फल-फूल रहा है।
केंद्र ने 10 क्षेत्रीय प्रयोगशालाओं की पहचान की है, जिनमें राज्य अपने यहां से कोरोना पॉजिटिव के पांच फीसदी नमूनों को भेजेंगे, ताकि कोरोना के नए रूप का पता लगाया जा सके।
मंत्रालय ने सार्स कोविड-2 के नए रूप के संदर्भ में महामारी निगरानी और प्रतिक्रिया के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) पहले ही जारी कर दी है। इसका मकसद भारत आने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्रियों में कोरोना के नए रूप की जल्द पहचान करना है। यात्रियों पर नजर भी रखी जा रही है।