केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के केंद्रीय संस्थान निकाय (सीआईबी) को छात्रों की ट्यूशन फीस की समीक्षा करने के लिए कहा है। साथ में स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी चिकित्सा संस्थानों में रोगियों के लिए एक समान उपयोगकर्ता शुल्क तय करने के लिए भी कहा है।