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iNCOVACC Vaccine: गणतंत्र दिवस पर कोरोना के खिलाफ एक और हथियार तैयार, पहली इंट्रानेजल वैक्सीन इनकोवैक लॉन्च

Thu, 26 Jan 2023 05:33 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

बीते शनिवार को कंपनी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक कृष्णा एला ने गणतंत्र दिवस के मौके पर इंट्रानेजल कोविड-19 वैक्सीन इनकोवैक लॉन्चिंग को लेकर एलान किया था। पिछले साल दिसंबर में भारत बायोटेक ने घोषणा की थी कि वह इस वैक्सीन को सरकार को 325 रुपये प्रति शॉट और निजी टीकाकरण केंद्रों के लिए 800 रुपये प्रति शॉट के हिसाब से बेचेगी। 
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देश की पहली नेजल वैक्सीन की हुई लॉन्चिंग। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गणतंत्र दिवस के मौके पर देश में अपनी तरह का पहली इंट्रानेजल कोविड-19 वैक्सीन इनकोवैक लॉन्च हो गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया और विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने इस वैक्सीन को लॉन्च किया। इसे स्वदेशी वैक्सीन निर्माता कंपनी भारत बायोटेक ने बनाया है। भारत बायोटेक की iNCOVACC वैक्सीन के लॉन्चिंग के मौके पर कंपनी के अध्यक्ष और एमडी डॉ कृष्णा एला ने कहा कि इस वैक्सीन को पहुंचाना आसान है और इसके लिए किसी सिरिंज या सुई की जरूरत नहीं है। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि यह वैक्सीन तीन प्रतिरक्षा असर आईजीजी, आईजीए और टी सेल प्रतिक्रिया पैदा करता है। उन्होंने दावा किया कि दुनिया में कोई अन्य टीका तीन तरह की प्रतिक्रियाएं नहीं दे सकता है।  

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बीते शनिवार को कंपनी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक कृष्णा एला ने गणतंत्र दिवस के मौके पर इसकी लॉन्चिंग को लेकर एलान किया था। गौरतलब है कि पिछले साल दिसंबर में भारत बायोटेक ने घोषणा की थी कि वह इस वैक्सीन को सरकार को 325 रुपये प्रति शॉट और निजी टीकाकरण केंद्रों के लिए 800 रुपये प्रति शॉट के हिसाब से बेचेगी। 

वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन के सहयोग से हुआ है निर्माण
नेजल वैक्सीन को भारत बायोटेक ने  वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन (WUSM) के साथ मिलकर बनाया है। भारत बायोटेक ने ही कोरोना की पहली स्वदेशी वैक्सीन कोवैक्सिन भी तैयार की थी। भारत बायोटेक ने नाक से दी जाने वाली इस नेजल वैक्सीन का नाम iNCOVACC रखा है। पहले इसका नाम BBV154 था। इस वैक्सीन को नाक के जरिए शरीर में पहुंचाया जाता है। शरीर में जाते ही यह वैक्सीन कोरोना के इन्फेक्शन और ट्रांसमिशन दोनों को ब्लॉक करती है।
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इससे पहले डीजीसीआई ने 6 सितंबर को 18 साल से ज्यादा उम्र वालों को आपातकालीन उपयोग के लिए अपने इंट्रानैजल कोविड-19 वैक्सीन इनकोवैक को मंजूरी दी थी। भारत बायोटेक ने डीजीसीआई से इंट्रानैजल हेट्रोलॉगस बूस्टर के लिए बाजार प्राधिकरण के लिए भी आवेदन किया था। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, बूस्टर के रूप में इस वैक्सीन को दिया जाएगा। हर एक शख्स इसके चार ड्रॉप्स को दिए जाएंगे।  
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