भारत में कर न चुकाना पड़े, इसके लिए विदेशों में धन छिपाने से संबंधित पनामा पेपर्स खुलासे पर केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि विदेशों में जमा धन की जानकारी नहीं देने वालों को महंगा पड़ेगा।
भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के एक कार्यक्रम में जेटली ने सोमवार को कहा कि जिन लोगों ने विदेशों में अपनी अघोषित आय तथा परिसंपत्तियों का हिसाब देने के लिए सरकार द्वारा पिछले साल उपलब्ध कराए गए अवसर का लाभ नहीं उठाया, उन्हें उनका यह खिलवाड़ बहुत महंगा पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि विदेशों में कालाधन छुपाने वालों के खिलाफ वैश्विक पहल के तहत की जा रही बहुपक्षीय व्यवस्था वर्ष 2017 तक प्रभावी हो जाएगी और उसके बाद लोगों के लिए अपनी गैर कानूनी संपत्ति देश से बाहर छुपाना बहुत मुश्किल होगा।
वित्त मंत्री ने बताया कि जी-20 देशों की पहल, फटका (एफएसीटीए) तथा द्विपक्षीय संधियों के तहत नई व्यवस्थाएं वर्ष 2017 से प्रभावी हो जाएंगी और उसके बाद दुनिया में वित्तीय लेन देन की संस्थागत व्यवस्था अपेक्षाकृत काफी पारदर्शी होगी।
इसलिए इस तरह का खिलवाड़ उन लोगों के लिए बेहद महंगा पड़ेगा, जो इसमें लिप्त हैं। जेटली का यह बयान इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित उस खबर के बाद आया है कि 500 से अधिक भारतीयों के नाम कर चोरी के लिए पनाहगाह समझे जाने वाले फर्मों से जुड़े हुए हैं।
यह रिपोर्ट पनामा की एक लॉ फर्म मोसैक फोंसेका के लीक दस्तावेजों पर आधारित है। इनमें सिने अभिनेता अमिताभ बच्चन और उनकी बहू ऐश्वर्या राय बच्चन का भी नाम शामिल है।