लॉकडाउन के दौरान विशाखापट्टनम में बंद पड़ी प्लास्टिक की एक फैक्टरी एलजी पॉलीमर में काम-काज दोबारा शुरू करने की तैयारी हो रही थी कि इसी दौरान गैस रिसाव की घटना हुई थी। लीक हुई गैस स्टाइरीन है जो तंत्रिका तंत्र, गले, त्वचा, आंखों और शरीर के कुछ अन्य अंगों को प्रभावित करती है।
आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में गुरुवार को एक केमिकल प्लांट में हुई गैस लीक की घटना की स्थिति को लेकर केंद्रीय कैबिनेट के सचिव राजीव गॉबा ने आज राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन समिति (एनसीएमसी) के साथ बैठक की। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी। इस हादसे में 11 लोगों की मौत हुई है और करीब 1000 लोग प्रभावित हुए हैं।
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मंत्रालय ने बताया कि केमिकल सुरक्षा और औद्योगिक प्रक्रियाओं के राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों और मौके पर मौजूद अधिकारियों के बीच वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चर्चा होगी। इसके साथ ही आवश्यकता के अनुसार विशेषज्ञों की एक टीम को भी भेजा जा सकता है।
मानवाधिकार आयोग भेज चुका है आंध्र सरकार को नोटिस
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने इस गैस लीक की वजह से लोगों की मौत और तबीयत बिगड़ने पर आंध्र प्रदेश सरकार और केंद्र को नोटिस जारी कर चुका है। आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव से इलाज और बचाव कार्य की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
इसके साथ ही आंध्र के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को भी एक नोटिस जारी किया गया है। इसमें उनसे चार सप्ताह के अंदर इस बात की जानकारी देने को कहा गया है कि इस मामले में कितनी एफआईआर दर्ज हुईं और जांच की स्थिति क्या है।