इससे चिह्नित क्षेत्रों के निर्यातकों और सभी एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु, मझोले उद्यम) निर्यातकों को ऐसे समय में प्रतिस्पर्धी दरों पर रुपया निर्यात ऋण प्राप्त करने में मदद मिलेगी जब वैश्विक अर्थव्यवस्था प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना कर रही है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने खेप भेजने के पहले और बाद में रुपये निर्यात ऋण की सुविधा अगले साल 30 जून तक जारी रखने के लिए ब्याज समरूपता या सब्सिडी योजना के तहत 2,500 करोड़ रुपये के अतिरिक्त आवंटन को मंजूरी दे दी है।
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इससे चिह्नित क्षेत्रों के निर्यातकों और सभी एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु, मझोले उद्यम) निर्यातकों को ऐसे समय में प्रतिस्पर्धी दरों पर रुपया निर्यात ऋण प्राप्त करने में मदद मिलेगी जब वैश्विक अर्थव्यवस्था प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना कर रही है। इस योजना के तहत निर्यातकों को खेप भेजने के पहले और बाद में रुपया निर्यात ऋण पर सब्सिडी मिलती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट की बैठक में यह निर्णय लिया गया। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, इस योजना के तहत 9,538 करोड़ रुपये के मौजूदा परिव्यय से इतर 2,500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त परिव्यय जून, 2024 तक योजना को जारी रखने के लिए मुहैया कराया गया है।
अनाज और चीनी की पैकिंग के मानक को मंजूरी
कैबिनेट ने अनिवार्य पैकेजिंग मानदंडों को मंजूरी दे दी है। इसके तहत 100 प्रतिशत अनाज और 20 प्रतिशत चीनी को जूट की थैलियों में पैक करना अनिवार्य होगा।