उत्तर प्रदेश में 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सबसे ज्यादा मंत्री बनाए गए हैं। उत्तराखंड से भी एक मंत्री बनाया गया है। जदयू के खाते से सिर्फ एक आर पी सिंह को ही मंत्री बनाया गया है। जबकि लोजपा से भी पशुपति कुमार पारस को मंत्री बनने का मौका मिला है। भाजपा सासंद राजकुमार सिंह को मिलाकर केंद्रीय मंत्रिमंडल में बिहार से तीन नेताओं को शामिल किया गया है। वहीं, भाजपा नेतृत्व ने किसान आंदोलन के कारण चुनावी राज्य होते हुए भी पंजाब से एक भी मंत्री नहीं बनाया है।
उल्लेखनीय है कि अगले साल उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों के विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में कैबिनेट विस्तार में पंजाब को छोड़कर चुनावी राज्यों पर फोकस किया गया है। कैबिनेट में पिछड़ी और अतिपिछड़ी जातियों का भी ध्यान रखा गया है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल में गुजरात, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक को तवज्जो दी गई है। गुजरात से 5 सांसदों को मंत्री बनने का मिला है. इसे चुनाव की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है। दूसरी तरफ जदयू से केवल एक ही सदस्य को मंत्री बनाए जाने से जदयू खेमे में निराशा है। नीतीश कुमार भाजपा नेतृत्व पर चार मंत्री पद देने के लिए लगातार दबाव बनाए हुए थे लेकिन वह उनकी इस जिद के आगे नहीं झुका।
शपथ से पहले पीएम ने ली बैठक
मंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह से पहले पीएम आवास पर एक मीटिंग हुई जिसमें ज्योतिरादित्य सिंधिया और सर्बानंद सोनोवाल समेत सभी संभावित मंत्री शामिल हुए। मीटिंग में प्रधानमंत्री मोदी के साथ गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और नितिन गडकरी और भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष मौजूद थे।