प्रधानमंत्री नेरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट मीटिंग मे नई मेट्रो नीति को मंजूरी मिल गई। मीटिंग के बाद प्रेस को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इसकी सूचना दी। नई मेट्रो नीति के तहत देश के कई शहरों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। केंद्र ने नई नीति को राज्यों में मेट्रो की बढ़ती मांग को ध्यान में रखकर ही तैयार किया है।
पढ़ें- जेटली ने दिया भरोसा, घर खरीदने वालों के हितों का ध्यान रखेगी सरकार
नई मेट्रो पॉलिसी में परियोजनाओं के मानदंडों फंडिंग और फंडिंग के अन्य मॉडलों पर जोर होगा। नई नीति के तहत किसी भी शहर में परियोजना को मंजूरी देने संबंधी एकसमान मानकों को तय किया जाएगा। पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल मेट्रो रेल परियोजना के लिए अनिवार्य कर दिया गया है।
#Cabinet approves new #MetroRailPolicy to enable realization of growing metro rail aspirations of a large number of cities 1/2 pic.twitter.com/x4S3pB38VK
— Frank Noronha (@DG_PIB) August 16, 2017
इस नई नीति की मंजूरी का फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में लिया गया है। मौजूदा समय में 8 शहरों में मेट्रो प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। जिनमें दिल्ली, बंगलूरू, चेन्नई, कोच्चि, मुंबई, जयपुर और गुड़गांव शामिल हैं।
यही नहीं सरकार ने झारखंड और बिहार में उत्तर कोयल जलाशय परियोजना के अधूरे कार्यों को पूरा करने के लिए भी मंजूरी दे दी है। पिछले दिनों रघुवार दास सरकार ने भी इसके शेष कामों के लिए मंजूरी दी थी। बता दें कि इस परियोजना का कार्य पिछले 40 वर्षों से रुका हुआ था।