केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को बेनामी संपत्ति लेन-देन निषेध अधिनियम के तहत निपटारा प्राधिकार के गठन और अपीलीय अधिकरण की स्थापना को मंजूरी प्रदान कर दी। इसके तहत तीन अतिरिक्त खंडपीठों के साथ निपटारा प्राधिकार का गठन किया जाएगा। साथ ही अपीलीय अधिकरण की स्थापना की जाएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल ने बेनामी संपत्ति कानून (पीबीपीटी) 1988 के तहत निपटारा प्राधिकार के गठन और अपीलीय न्यायाधिकरण की स्थापना मंजूरी प्रदान की। निपटारा प्राधिकार की खंडपीठों और अपीलीय अधिकरणों को अधिकारीगण एवं कर्मचारीगण उपलब्ध कराए जाएंगे। आयकर विभाग तथा केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) में समान स्तर तथा रैंक वाले मौजूदा पदों का उपयोग करके इसमें रिक्तियों को पूरा किया जाएगा।
कैबिनेट बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बताया कि प्राधिकार और अपीलीय अधिकरण दिल्ली के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में होंगे। जबकि निपटारा प्राधिकार की खंडपीठ कोलकाता, मुम्बई और चेन्नई में हो सकती है। प्रस्तावित निपटारा प्राधिकार के अध्यक्ष के साथ सलाह-मशविरा करने के बाद ही इस बारे में आवश्यक अधिसूचना जारी की जाएगी।