प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट ने बुधवार को भारत और गुयाना के बीच हवाई सेवा समझौते पर हस्ताक्षर को अपनी मंजूरी दे दी। यह समझौता दोनों देशों के बीच उड़ान सेवा का मार्ग प्रशस्त करेगा। दोनों देशों के बीच राजनयिक नोटों के आदान-प्रदान के बाद यह समझौता पूरी तरह से लागू होगा।
बुधवार को केंद्र की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया कि गुयाना के साथ एक हवाई सेवा समझौते पर हस्ताक्षर करने से दोनों देशों के बीच हवाई सेवाओं के प्रावधान के लिए एक रूपरेखा तैयार होगी। बता दें, 2012 की जनगणना के अनुसार, गुयाना में भारतीयों की अच्छी खासी जनसंख्या है और यह सबसे बड़ा जातीय समूह है, जिसमें लगभग 40 प्रतिशत आबादी शामिल है।
भारत और गुयाना के बीच यह समझौता दो देशों के बीच हवाई संचालन के लिए कानूनी ढांचा प्रदान करता है। बता दें, वर्तमान में भारत के पास लगभग 110 देशों के साथ हवाई सेवा समझौते हैं।
इसके अलावा केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अंतरराष्ट्रीय नागर विमानन पर शिकागो सम्मेलन में संशोधन से जुड़े तीन प्रोटोकॉल की पुष्टि को भी अपनी मंजूरी दे दी। पहला प्रोटोकाल शिकागो सम्मेलन में अनुच्छेद 3 सम्मिलित करता है और नागरिक विमानों के खिलाफ हथियारों के इस्तेमाल का सहारा लेने से सदस्य राज्यों को रोकता है। दूसरा प्रोटोकॉल आईसीएओ परिषद की ताकत को 36 से 40 तक बढ़ाने के लिए अनुच्छेद 50 (ए) में संशोधन का प्रावधान करता है। वहीं तीसरा प्रोटोकॉल 18 से 21 तक वायु नेविगेशन आयोग की ताकत बढ़ाने के लिए अनुच्छेद 56 में संशोधन करना है।
मंत्रिमंडल ने 22वें विधि आयोग का कार्यकाल अगस्त 2024 तक बढ़ाने को मंजूरी दी
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 22वें विधि आयोग का कार्यकाल अगस्त 2024 तक बढ़ाये जाने को बुधवार को मंजूरी प्रदान कर दी। इस आयोग को अप्रासंगिक कानूनों की पहचान करने एवं उन्हें निरस्त करने की सिफारिश करने का दायित्व दिया गया था। जारी बयान के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसमें कहा गया है कि 22वें विधि आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों के हाल ही में पदभार ग्रहण करने और कई लंबित परियोजनाओं पर विचार करने के कारण इसके कार्यकाल को 31 अगस्त 2024 तक बढ़ाया जाता है।