केंद्रीय बजट 2022-23 की आलोचना करते हुए कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा कि बजट ने मौजूदा सरकार के 'अच्छे दिन' के वादे को और दूर कर दिया है। एएनआई से बात करते हुए थरूर ने कहा कि यह पूरी तरह से विनाशकारी बजट है। आठ साल पहले हमसे किए गए 'अच्छे दिन' अभी भी पूरे नहीं हुए हैं। 'अच्छे दिनों' की मृगतृष्णा को और भी दूर धकेल दिया गया है।
थरूर ने 'अमृत काल' पर कसा तंज
केंद्र पर कटाक्ष करते हुए कांग्रेस नेता ने टिप्पणी की, कोई आश्चर्य नहीं कि मोदी सरकार अगले 25 वर्षों के लिए अमृत काल के बारे में बात कर रही है। सभी लक्ष्यों को 'इंडिया एट 100' में और आगे भी 'इंडिया एट 100' में धकेला जा सकता है। इंडिया एट 75' के पास आगे देखने के लिए कुछ नहीं है।
शशि थरूर ने मशहूर शायर मिर्जा गालिब की की शायरी को ट्वीट कर केंद्र सरकार को बजट पर घेरा। शशि थरूर ने ट्विटर पर लिखा, आह को चाहिए इक उम्र असर होने तक, कौन जीता है तेरी जुल्फ के सर होने तक?! उन्होंने अपने ट्वीट में '#AmritKaal #2047' का भी इस्तेमाल किया।
सरकार ने बताया 25 साल का ब्लूप्रिंट
संसद में पेश किए गए बजट को केंद्र सरकार ने अगले 25 साल का ब्लूप्रिंट बताया है। सरकार ने अगले 25 साल को 'अमृत काल' करार दिया है। कहा गया कि यह बजट अगले 25 सालों में आर्थिक सुधार के लिए एक आधार के रूप में काम करेगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा 'अमृत काल' का जिक्र किए जाने के बाद कांग्रेस नेता शशि थरूर ने इस पर तंज कसा है।
इससे पहले इस बजट को लेकर शशि थरूर ने कहा था कि यह गीले पटाखे जैसा था। इसमें कुछ भी नहीं था। मनरेगा, रक्षा जैसी चीजों के बारे में कुछ नहीं बताया गया। आम लोगों को कोई टैक्स राहत नहीं दी गई। आखिर इसमें जनता के लिए क्या है।