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Budget 2021 India: अगले साल तक दोगुनी हो जाएगी किसानों की आय, कर्ज के लिए 16.5 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान

Mon, 01 Feb 2021 01:24 PM IST
प्राची प्रियम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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यूनियन बजट 2021: खेत में काम करते किसान - फोटो : अमर उजाला।
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आम बजट 2021-22 में देश के किसानों और कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों को बड़ी सौगात दी गई है। सरकार का दावा है कि अगले वर्ष तक देश के किसानों की आय दुगनी हो जाएगी। वित्त मंत्री ने अपने भाषण में किसानों को उनकी लागत से डेढ़ गुना ज्यादा देने का प्रयास करने का एलान किया। 

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वहीं, उन्होंने कहा कि देश में गेहूं उगाने वाले किसानों की संख्या दोगुनी हो गई है। गेहूं की एमएसपी डेढ़ गुना कर दी गई है और बीते सात वर्षों में किसानों से दोगुने से ज्यादा धान खरीदा गया है। उनसे सरकारी खरीद के प्रयास किए जा रहे हैं और उनके भुगतान में तेजी आई है। वित्त मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार की ओर से हर सेक्टर में किसानों को मदद मिल रही है। यूपीए सरकार से करीब तीन गुना राशि मोदी सरकार ने किसानों के खातों में पहुंचाई है। 

इस बार 172000 करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है धान खरीद का आंकड़ा
इसके साथ ही दाल, गेंहू, धान समेत अन्य फसलों की एमएसपी भी बढ़ाई गई है। वित्त मंत्री ने कहा कि धान खरीदारी पर 2013-14 में 63 हजार करोड़ रुपए खर्च हुए थे, जो बढ़कर एक लाख 45 हजार करोड़ रुपए हो चुका है। इस साल यह आंकड़ा एक लाख 72 हजार करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है।
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किसानों को कर्ज के लिए 16.5 लाख करोड़ रुपये
वहीं, किसानों के कर्ज के लिए वित्त मंत्री सीतारमण ने बजट में 16.5 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान होने की बात बताई। उन्होंने बताया कि इस साल स्वामित्व स्कीम शुरु की गई है, जिसके तहत अब तक 1.8 लाख लोगों को कार्ड मिल चुका है। 2021 में सभी राज्यों को इसके दायरे में लाया जाएगा।

देश में बनेंगे पांच बड़े फिशिंग हब
उन्होंने बजट में एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड का भी एलान किया। उन्होंने कहा कि देश में पांच बड़े फिशिंग हब बनेंगे। इसके साथ ही बजट में काबुली चना पर 30%, मटर पर 10%, बंगाल चना पर 50%, मसूर पर 20% और कपास पर 5% कृषि अवसंरचना उपकर लगाने का प्रस्ताव पेश किया गया है।

विपक्ष ने जमकर किया हंगामा
बता दें कि निर्मला सीतारमण ने कृषि क्षेत्र पर चर्चा करते हुए जैसे ही कहा कि सरकार किसानों के लिए समर्पित है, तो सदन में हंगामा शुरू हो गया और विपक्ष ने काले कानून वापस लो, जैसे नारे लगाने शुरू कर दिए। वहीं, वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार किसानों की भलाई के लिए प्रतिबद्ध है।

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