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GRP: अब उपनगरीय ट्रेनों के कोच में रात में भी तैनात रहेंगे वर्दीधारी, महिलाओं के खिलाफ अपराध पर लगेगी रोक

Wed, 12 Jul 2023 09:51 AM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

मुंबई में उपनगरीय ट्रेनों में महिला यात्रियों के यौन उत्पीड़न की हालिया घटनाओं के मद्देनजर वर्दीधारियों को तैनात करने का फैसला किया गया है। पिछले महीने शहर में चलती ट्रेनों में महिलाओं के साथ उत्पीड़न की दो घटनाएं सामने आई थीं।
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उपनगरीय ट्रेनों के कोच में रात में भी तैनात रहेंगे वर्दीधारी - फोटो : social media
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विस्तार
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ट्रेनों में लगातार महिलाओं के साथ हो रहीं घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने एक कड़ा कदम उठाया है। उसने महिला यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उपनगरीय ट्रेनों के महिला डिब्बों और 1,200 से अधिक संख्या वाले प्लेटफार्मों पर रात 9 बजे से सुबह 6 बजे के बीच वर्दी में कर्मियों को तैनात करने का फैसला लिया है।

बता दें, यह कदम मुंबई में उपनगरीय ट्रेनों में महिला यात्रियों के यौन उत्पीड़न की हालिया घटनाओं के मद्देनजर उठाया गया है। पिछले महीने शहर में चलती ट्रेनों में महिलाओं के साथ उत्पीड़न की दो घटनाएं सामने आईं। हालांकि, रेलवे पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर दोनों मामले सुलझा लिए हैं।

पुलिस अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि इन घटनाओं पर संज्ञान लेते हुए जीआरपी ने ट्रेन यात्रा के दौरान महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए एक योजना बनाई है। उन्होंने कहा कि रात 9 बजे से सुबह 6 बजे के बीच महिला डिब्बों में वर्दी में कर्मियों को तैनात किया जाएगा। 

अधिकारी ने कहा कि इन कर्मियों को जीआरपी, होम गार्ड और महाराष्ट्र सुरक्षा बल से लिया जाएगा। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के कर्मचारी भी जीआरपी के साथ समन्वय में काम करेंगे। बता दें, मुंबई उपनगरीय ट्रेन नेटवर्क मध्य, पश्चिमी, हार्बर, ट्रांस-हार्बर और बेलापुर-नेरुल-खारकोपर (उलवे) लाइनों में फैला हुआ है। उन्होंने कहा कि रात के समय इन मार्गों पर 1,041 ट्रेनें चलती हैं। 

उन्होंने कहा कि महिला यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए जीआरपी ने ट्रेनों में 640 और प्लेटफार्मों पर 600 से अधिक कर्मियों को तैनात करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि अगर महिला यात्रियों को पता चलता है कि महिला कोच में सुरक्षाकर्मी नहीं हैं, तो वे तुरंत रेलवे हेल्पलाइन 1512 पर कॉल कर सकती हैं।

अधिकारी ने बताया कि इस साल 1 जनवरी से जीआरपी को हेल्पलाइन पर 1.58 लाख से अधिक कॉल प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 13,921 मदद मांगने या जानकारी प्रदान करने के लिए थीं। उन्होंने कहा कि पुलिस के पास प्रतिदिन 700 से 800 फोन आते हैं। उन्होंने कहा कि जीआरपी के पास आने वाली सभी परेशानियों को दूर किया गया है। अधिकारी ने बताया कि इन कॉल्स पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 58 गंभीर अपराध दर्ज किए और 56 मामले सुलझाए। 

रेलवे पुलिस आयुक्त रवींद्र शिस्वे ने बताया कि महिला यात्रियों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। नई योजना के तहत जीआरपी यह सुनिश्चित करेगी कि एक भी महिला डिब्बे में अकेली न रहे।

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