विधि आयोग को लिखे पत्र में डीएसजेपी प्रमुख केएसआर मेनन ने कहा कि समान नागरिक संहिता की अवधारणा राज्य नीति के नीति निर्देशक सिद्धांत में निहित है और अब समय आ गया है कि एक व्यापक समान नागरिक संहिता बनाई जाए और इसे लागू किया जाए।
उन्होंने कहा कि डीएसजेपी समान नागरिक संहिता का समर्थन करता है क्योंकि यह एक राष्ट्र और एक कानून में भरोसा करता है। मेनन ने कहा, देश कठिन दौर से गुजर रहा है और किसी एक समुदाय या धर्म को मिले विशेषाधिकार राष्ट्र की एकता के खिलाफ हैं। पत्र में आगाह किया गया है कि समान नागरिकता संहिता को विवाह संस्था की पवित्रता की रक्षा करनी चाहिए, ताकि बच्चों के हितों की रक्षा की जा सके और पारिवारिक मूल्यों को बनाए रखा जा सके।