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उत्तपम खाकर बेहतर होगा नौनिहालों का स्वास्थ्य, यूनिसेफ का खास डायट प्लान

Mon, 18 Nov 2019 12:50 AM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • यूनिसेफ ने प्रस्तुत की ‘उत्तपम से लेकर अंकुरित दाल के पराठे’ नामक किताब 
  • 28 पन्नों की किताब में मिलेगा ताजे भोजन व उसे बनाने के खर्च का ब्योरा
  • कम वजन, मोटापा और एनीमिया जैसी समस्याओं से निपटना होगा आसान
  • किताब में सभी व्यंजनों में मौजूद पौष्टिक तत्वों की पूरी जानकारी भी मिलेगी
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विस्तार
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बच्चों की अच्छी सेहत के लिए यूनिसेफ (संयुक्त राष्ट्र बाल कोष) ने एक विशेष कदम उठाया है, इससे उनके स्वास्थ्य का स्तर बेहतर हो सकता है। दरअसल, यूनिसेफ ने व्यंजनों की एक किताब प्रस्तुत की है जिसका नाम ‘उत्तपम से लेकर अंकुरित दाल के पराठे’ है। यह किताब बताती है कि 20 रुपये से कम कीमत में तैयार हो जाने वाले पौष्टिक भोजन से बच्चों में कम वजन, मोटापा और एनीमिया जैसी समस्याओं से निपटा जा सकेगा।

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पुस्तक में दिए गए सभी व्यंजनों की कैलोरी मात्रा के अलावा प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा, फाइबर, आयरन, विटामिन सी और कैल्शियम की मात्रा की विस्तृत जानकारी दी गई है। 28 पन्नों की इस किताब में ताजे भोजन और उसे बनाने में कुल खर्च को भी बेहतरीन तरीके से बताया गया है। 

यह पुस्तक समग्र राष्ट्रीय पोषण सर्वेक्षण 2016-18 के निष्कर्षों पर आधारित है, इनके अनुसार पांच साल से कम उम्र के 35 फीसदी बच्चे कमजोर, 17 फीसदी बच्चे मोटापा से ग्रस्त और 33 फीसदी बच्चे सामान्य से कम वजन वाले होते जा रहे हैं। सर्वेक्षण में यह भी पाया गया कि 40 प्रतिशत किशोरियां और 18 प्रतिशत किशोर एनीमिया के शिकार हैं।

आलू के भरवां पराठे जैसे व्यंजनों की विधियां

इस किताब में बच्चों में कम वजन की समस्या से निपटने के लिए आलू के भरवां पराठे, पनीर काठी रोल और साबूदाना कटलेट जैसे व्यंजनों की विधियां दी गई हैं। वहीं मोटापा दूर करने के लिए अंकुरित दाल के पराठे, पोहा और सब्जियों वाले उपमा के सुझाव दिए गए हैं।

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'स्कूलों के पाठ्यक्रम में शामिल हो किताब'

यूनिसेफ की प्रमुख हेनरीटा एच फोर ने कहा कि इस किताब का उद्देश्य लोगों को यह बताना है कि कौन सा खाद्य पदार्थ कितना पौष्टिक है। साथ ही इसे स्कूलों के पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाना चाहिए और यदि क्षेत्रीय भाषाओं में इसका अनुवाद किया जाए तो इसे लोगों तक पहुंचाना आसान हो जाएगा।

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