अगर दिल्ली से आगरा जाएँ, तो ताज महल यमुना के दाईं तरफ पड़ता है। दिल्ली से जाने वालों को शहर के बीच से होकर गुजरना पड़ता है। अक्सर मुश्किल हो जाती है कि जाम लगा है।
क्या हो अगर ताज महल को उठाकर यमुना के इस पार रख दिया जाए?
आप यकीनन कहेंगे कि क्या बेतुकी बात है? किसी सैकड़ों साल पुरानी इतनी बड़ी इमारत को आखिर कैसे उठाकर यमुना के इस पार रखा जाएगा?
माना कि तकनीक ने काफी तरक्की कर ली है। इंसान चांद पर पहुंच चुका है और मंगल पर जाने की तैयारी में है। फिर भी ताज महल या ऐसी किसी इमारत को उठाकर दूसरी जगह रखना अब भी कमोबेश नामुमकिन है।
पर, हम आपसे कहें कि मिस्र में ऐसा कारनामा किया जा चुका है, तो?
नहीं यकीन आया न! यकीन मानिए, मिस्र में आज से आधी सदी पहले ऐसा कारनामा इंसान कर चुका है। जब करीब तीन हजार साल पुरानी ऐतिहासिक इमारत को उठाकर दूसरी जगह ले जाकर उसी रूप में फिर से स्थापित कर दिया गया।
चलिए पूरा किस्सा तफ्सील से बताते हैं।