देश में बेरोजगारी पिछले साल दिसंबर में बढ़कर 16 महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गई। इस दौरान बेरोजगारी दर 8.30 फीसदी रही, जो नवंबर, 2022 में 8 फीसदी रही थी। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकनॉमी (सीएमआईई) के रविवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर, 2022 में शहरी बेरोजगारी दर बढ़कर 10.09 फीसदी के स्तर पर पहुंच गई। नवंबर, 2022 में यह आंकड़ा 8.96 फीसदी रहा था। हालांकि, ग्रामीण इलाकों में बेरोजगारी दर 0.11 फीसदी घटकर 7.44 फीसदी पर आ गई, जो पिछले साल नवंबर में 7.55 फीसदी रही थी।
श्रम भागीदारी बढ़कर 12 माह में सर्वाधिक
सीएमआईई के प्रबंध निदेशक महेश व्यास ने कहा कि बेरोजगारी दर में बढ़ोतरी उतनी बुरी नहीं है, जितनी दिख सकती है। उन्होंने इसकी वजह बताते हुए कहा कि इससे पहले श्रम भागीदारी की दर में अच्छी बढ़ोतरी देखी गई है। दिसंबर में श्रम भागीदारी की दर बढ़कर 40.48 फीसदी पहुंच गई, जो 12 महीनों में सबसे ज्यादा है।
रोजगार मिलने की दर 10 महीने में सबसे ज्यादा
महेश व्यास ने कहा कि सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि दिसंबर में रोजगार मिलने की दर बढ़कर 37.1 फीसदी के स्तर पर पहुंच गई। यह आंकड़ा जनवरी, 2022 के बाद यानी 10 महीने में सबसे ज्यादा है।
हरियाणा में सबसे ज्यादा बेरोजगार
आंकड़ों के मुताबिक, हरियाणा में बेरोजगारी दर सबसे ज्यादा रही। वहां यह दर बढ़कर 37.4 फीसदी पहुंच गई। राजस्थान में यह 28.5 फीसदी और दिल्ली में 20.8 फीसदी पहुंच गई।
-राष्ट्रीय सांख्यिकीय कार्यालय (एनएसओ) के मुताबिक, 2022-23 की जुलाई-सितंबर तिमाही में देश में बेरोजगारी दर घटकर 7.2 फीसदी रह गई थी। अप्रैल-जून तिमाही में यह 7.6 फीसदी रही थी।