अरब सागर में बनने वाले छत्रपति शिवाजी महाराज स्मारक तक जाने के लिए भूमिगत मेट्रो चलाने की योजना बन रही है। सोमवार को राज्य के लोकनिर्माण मंत्री अशोक चव्हाण ने यह संकेत दिया। उन्होंने कहा कि लोग स्मारक तक कैसे पहुंचेंगे? इस बारे में सरकार भूमिगत मेट्रो रेल चलाने पर विचार कर रही है।
चव्हाण ने कहा कि शिवजी महाराज के स्मारक तक 12 महीने बोट से जाना संभव नहीं है। इसलिए मेट्रो रेल विकल्प हो सकता है। बारिश के मौसम में समुद्र में ऊंची-ऊंची लहरें उठती हैं। इस वजह से वहां बोट से जाना कतई संभव नहीं होगा। ऐसे में हर मौसम में लोग स्मारक तक पहुंच सकें। इसलिए वैकल्पिक व्यवस्था के बारे में विचार शुरू है। उन्होंने कहा कि इस संभावनाओं का पता लगाया जा रहा है कि क्या वहां तक जाने के लिए भूमिगत मेट्रो बन सकती है।
अरब सागर में 6.8 हेक्टेयर में बनेगा स्मारक
अरब सागर में 6.8 हेक्टेयर क्षेत्र में शिवस्मारक बनाने की योजना है, जहां छत्रपति शिवाजी महाराज की 210 मीटर ऊंची प्रतिमा स्थापित की जाएगी। प्रस्तावित शिवस्मारक राजभवन से 1.2 किलोमीटर, गिरगांव चौपाटी से 3.6 किलोमीटर और नरीमन प्वाइंट से 2.6 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। स्मारक निर्माण के लिए एल एंड टी को चयन किया गया है। वहीं, शिवाजी महाराज के अश्वारुढ प्रतिमा बनाने का काम प्रसिद्ध शिल्पकार राम सुतार को दिया गया हैं।
स्मारक में मंदिर, संग्रहालय, अस्पताल, रायगढ़ किले के प्रवेश द्वार की प्रतिकृति और शिवाजी महाराज की जीवन से जुड़े पहलुओं को दिखाने के लिए एक थिएटर भी होगा। वहीं, पर्यटकों के लिए शिवस्मारक को देखने के लिए 180 मीटर ऊंची लिफ्ट होगी।