बच्चों की छोटी उम्र के आपने खूब फायदे सुने होंगे, लेकिन सूबे की अखिलेश सरकार के लैपटॉप वितरण में छोटी उम्र के बच्चों के हाथ से लैपटॉप फिसल गया है। सीबीएसई की 10वीं कक्षा में 10सीजीपीए बच्चों की संख्या अधिक होने के चलते लैपटॉप वितरण का नया फार्मूला जन्मतिथि का आधार बनाया गया है। जो बच्चे उम्र में बड़े हैं, उन्हें लैपटॉप मिलेगा, लेकिन जिनकी उम्र कम है, उन्हें सूची से बाहर कर दिया। समान अंक होने पर यूपी बोर्ड के बच्चों के बीच भी यही नियम तय किया है।
शिक्षण सत्र 2015-16 के मेधावी बच्चों को मेरिट के आधार पर बागपत में 494 लैपटॉप बाटे जाने हैं। सीबीएसई के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के 20-20 बच्चों का चयन होना था, लेकिन 10 सीजीपीए हासिल करने वाले बच्चों की संख्या 320 तक पहुंच गई। मामला बागपत से इलाहाबाद तक पहुंचा।
डीआईओएस डॉ. आशुतोष भारद्वाज ने बताया सूबे के अधिकारियों की मीटिंग में तय हुआ कि यूपी बोर्ड में समान अंक और सीबीएसई में 10 सीजीपीए अधिक होने के चलते जन्मतिथि को आधार बनाकर बच्चों का चयन किया जाएगा। उम्र में जो बच्चे बड़े होंगे, उन्हें लैपटॉप की सूची में शामिल किया जाएगा। सीबीएसई के 320 बच्चों में से अब केवल 20 का चयन जन्मतिथि के आधार पर बड़े बच्चों का चयन होगा। पूरे प्रदेश में यही फार्मूला अपनाया जाएगा।
यूपी बोर्ड के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के 217-217 बच्चों को लैपटॉप दिया जाना है, लेकिन हाईस्कूल में 22 बच्चे ऐसे हैं, जिनके अंक 510 हैं। इनमें केवल आठ का चयन किया जाना है। इसी तरह इंटरमीडिएट में आखिर के 17 बच्चे ऐसे हैं, जिनके 427 अंक हैं। इनमें से भी केवल 15 बच्चों का चयन किया जाएगा। यहां भी जन्मतिथि का फार्मूला ही अपनाया गया है। यानि बड़े बच्चों को लैपटॉप और छोटे बच्चे सूची से आउट किए जाएंगे।