मामले में शहरी मामलों के राज्यमंत्री तोखन साहू ने कहा कि मिशन के तहत 15 नवंबर तक 8,066 करोड़ रुपये के कार्य आदेश जारी किए गए हैं। इनमें से 1,47,366 करोड़ रुपये की लागत के साथ 7,352 परियोजनाएं (यानी कुल परियोजनाओं का 91 फीसदी) पूरी हो चुकी हैं।
केंद्र सरकार ने लोकसभा को बताया कि स्मार्ट सिटी मिशन के तहत 15 नवंबर तक राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को 47,225 करोड़ रुपये जारी किए हैं और इनमें से 44,626 करोड़ का इस्तेमाल किया जा चुका है। साथ ही 91 फीसदी परियोजनाएं पूरी कर ली गई हैं।
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केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के राज्यमंत्री तोखन साहू ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि मिशन के तहत 15 नवंबर तक 8,066 करोड़ रुपये के कार्य आदेश जारी किए गए हैं, जिनमें से 1,47,366 करोड़ रुपये की लागत के साथ 7,352 परियोजनाएं (यानी कुल परियोजनाओं का 91 फीसदी) पूरी हो चुकी हैं।
साहू ने कहा कि स्मार्ट सिटी मिशन के तहत परियोजनाओं की प्रगति में तेजी लाने के लिए आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय (एचयूए) के पास एक बहु-स्तरीय समीक्षा संरचना है। उन्होंने कहा कि राज्य स्तर पर मिशन कार्यान्वयन की निगरानी मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली राज्य-स्तरीय उच्चाधिकार प्राप्त संचालन समिति की ओर से की जाती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से जून 2015 में शुरू किए गए स्मार्ट सिटी मिशन की अवधि को अगले साल 31 मार्च तक बढ़ा दिया गया है। ब्यूरो
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13 शहरों ने पूरा किया काम
मंत्री ने कहा, स्मार्ट सिटी मिशन (एससीएम) के तहत, केंद्र सरकार ने 100 शहरों के लिए कुल 48,000 करोड़ रुपये का परिव्यय रखा है। केंद्र सरकार ने 15 नवंबर तक, एससीएम के तहत राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को 47,225 करोड़ रुपये जारी किए हैं। मंत्रालय ने 28 नवंबर को कहा कि 100 स्मार्ट शहरों में से 13 ने अपनी सभी परियोजनाएं पूरी कर ली हैं, जबकि 48 शहरों ने 90 फीसदी से अधिक काम पूरा कर लिया है।