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किशोर उम्र की लड़कियां करा रही ज्यादा गर्भपात, सर्वे में खुलासा

Wed, 13 Apr 2016 11:47 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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मुल्क के शहरी इलाकों में गर्भपात के अधिकांश मामले 20 वर्ष से कम उम्र की म‌हिलाओं से जुड़े हुए हैं। राष्ट्रीय सैंपल सर्वे की एक रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि भारत में शहरी क्षेत्रों में गर्भपात का प्रचलन अधिक है। 
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ग्रामीण क्षेत्रों में गर्भधारण के 77 फीसदी मामलों में बच्चे को जन्म दिया गया, जबकि शहरी क्षेत्रों में ये आंकड़ा 74 फीसदी है। ग्रामीण क्षेत्रों में 2 फीसदी महिलाओं ने गर्भपात कराया है, जबकि शहरी क्षेत्रों में तीन फीसदी महिलाएं गर्भपात कर चुकी हैं। 

शहरी क्षेत्रों में 20 वर्ष से कम उम्र की किशोर लड़कियों में गर्भपात की प्रवृत्ति अधिक है। इस उम्र की तकरीबन 14 फीसदी लड़कियां गर्भपात करा चुकी हैं। कई विशेषज्ञों को मानना है कि सर्वे की नतीजे सेक्स एजुकेशन की आवश्यकता की ओर भी इशारा करते हैं।
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'प्रेग्नंसी वेस्टेज' के मामले भी किशोरियों में ज्यादा

इस इंजेक्शन से तीन माह तक प्रेगनेंसी रोकने का दावा किया गया है।
'प्रेग्नंसी वेस्टेज' के मामले भी इसी उम्र में ज्यादा हैं। 'प्रेग्नंसी वेस्टेज' उन मामलों को कहा जाता है, जिसमें जीवित शिशु का जन्म नहीं होता। सर्वे में पाया गया है कि 20 साल से कम उम्र की 21 फीसदी महिलाओं में 'प्रेग्नंसी वेस्टेज' के मामले पाए गए। ग्रामीण इलाकों में 'प्रेग्नंसी वेस्टेज' के मामले 4.4 फीसदी हैं, जबकि शहरी क्षेत्रों में ऐसे मामले 5.9% फीसदी हैं। 

सर्वे में पाया गया कि ग्रामीण इलाकों में 56 फीसदी महिलाएं ने सरकारी अस्पतालों में बच्चों को जन्म दिया, जबकि 24 फीसदी ने प्राइवेट अस्पतालों में बच्चों को जन्म दिया। शहरों में 42 फीसदी महिलाओं ने सरकारी अस्पतालों में बच्चों को जन्म दिया, जबकि 48% ने प्राइवेट अस्पतालों में बच्चों को जन्म दिया। 
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