केरल में अघोषित बिजली कटौती के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भड़क उठे है। नाराज उपभोक्ताओं ने केएसईबी के स्थानीय कार्यालयों के सामने धरना प्रदर्शन किया। त्रिशूर जिले में लंबे समय तक बिजली कटौती के बाद मंगलवार आधी रात को एक बड़ी भीड़ एरुमापेट्टी स्थित केरल राज्य विद्युत बोर्ड (केएसईबी) के कुंदनूर डिवीजन कार्यालय की ओर मार्च करने लगी।
यह विरोध प्रदर्शन ऐसे समय में भारी हो रहे हैं, जब केएसईबी ने घोषणा की है कि भीषण गर्मी के कारण बढ़ती मांग के मद्देनजर ग्रिड की स्थिरता बनाए रखने के लिए वह शाम 6 बजे से आधी रात के बीच 30 मिनट तक की अल्पकालिक बिजली कटौती लागू कर सकता है। यह निर्णय मंगलवार को अतिरिक्त मुख्य सचिव (विद्युत) पुनीत कुमार की अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में लिया गया, जिसमें केएसईबी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक मिन्हाज आलम और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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विपक्षी दल ने की आलोचना
बिजली मंत्री के. कृष्णनकुट्टी ने कहा है कि मौजूदा बिजली संकट अत्यधिक गर्मी और इंडक्शन कुकर और एयर कंडीशनर के बढ़ते उपयोग के कारण उत्पन्न हुआ है। केरल राज्य विद्युत नियामक आयोग ने बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए केएसईबी को 15 मई तक प्रतिदिन 250 मेगावाट अतिरिक्त बिजली खरीदने की अनुमति दी है। इस स्थिति के बीच, विपक्षी यूडीएफ ने सत्तारूढ़ एलडीएफ के एक दशक तक बिजली कटौती न होने के दावे की आलोचना की है। राज्य के विभिन्न हिस्सों से हाल ही में सामने आई बिजली कटौती की घटनाओं का हवाला दिया है।