फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबंधित सूची से  नहीं हटेगा हाफिज सईद का नाम, जमात-उद-दावा सरगना ने की थी अपील

Thu, 07 Mar 2019 05:55 PM IST
संदीप भट्ट वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
Hafiz Saeed - फोटो : ANI
विज्ञापन

2008 मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड और जमात-उद-दावा सरगना हाफिज सईद को संयुक्त राष्ट्र से तगड़ा झटका लगा है। संयुक्त राष्ट्र ने प्रतिबंधित आतंकवादियों की सूची से खुद को हटाए जाने की सईद की अपील खारिज कर दी है। सरकारी सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। यह अहम फैसला ऐसे वक्त में आया है जब संयुक्त राष्ट्र के 1267 प्रतिबंध समिति से पुलवामा आतंकी हमले के गुनहगार जैश-ए-मोहम्मद सरगना मसूद अजहर पर प्रतिबंध लगाने की फिर से अनुरोध किया गया है। इस हमले में 40 सीआरपीएफ जवान शहीद हो गए थे और हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान स्थित जैश ने ली थी।

विज्ञापन


संयुक्त राष्ट्र ने सईद की अपील को उस समय खारिज किया है जब भारत ने आतंकी गुट लश्कर-ए-ताइबा के सह संस्थापक की आतंकी गतिविधियों को लेकर विस्तृत सुबूत पेश किए हैं। इनमें बेहद गोपनीय जानकारी भी शामिल हैं। सरकारी सूत्रों के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र के फैसले से सईद के वकील हैदर रसूल मिर्जा को इस हफ्ते बता दिया गया था। 

2008 में किया गया था प्रतिबंधित

लश्कर सरगना हाफिज सईद को मुंबई हमले के बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने 10 दिसंबर, 2008 को प्रतिबंधित किया था। हाफिज ने 2017 में प्रतिबंध के खिलाफ लाहौर की लॉ फर्म मिर्जा एंड मिर्जा के जरिए अपील दाखिल की थी, उस वक्त वह पाकिस्तान में नजरबंद था। सूत्रों ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र की ओर से नियुक्त स्वतंत्र लोकपाल डेनियल के. फैसियाती ने हाफिज के वकील को जानकारी दी गई कि उसके आवेदन की जांच के बाद यह फैसला किया गया कि वह प्रतिबंध की सूची में ही रहेगा।

अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने भी किया विरोध

हाफिज सईद की याचिका का भारत के साथ ही अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस  समेत कई अन्य देशों ने भी विरोध किया। आतंकियों और उनके गुटों के खिलाफ कार्रवाई का दावा कर रही इमरान खान की सरकार ने याचिका का विरोध नहीं किया। 

 

विज्ञापन

यूएन की टीम करना चाहती थी हाफिज  से पूछताछ, पाक ने नहीं दिया वीजा

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक टीम प्रतिबंध सूची से अपना नाम हटवाने की याचिका दायर करने वाले जमात-उद-दावा सरगना से पूछताछ करना चाहती थी लेकिन पाकिस्तान ने इस टीम को वीजा देने से इनकार कर दिया।

सूत्रों ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र में पाक के स्थायी मिशन के एक प्रतिनिधि ने पिछले साल अक्तूबर में लोकपाल को बताया था कि उनकी इस्लामाबाद यात्रा के लिए वीजा जारी नहीं किया जाएगा। संयुक्त राष्ट्र लोकपाल विश्व संस्था द्वारा प्रतिबंधित लोगों एवं संगठनों द्वारा उन्हें प्रतिबंध सूची से हटाने के अनुरोधों की समीक्षा करता है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें