UN blacklists Abdul Rehman Makki: आखिर ऐसी क्या वजह रही कि चीन के चहेते आतंकी अब्दुल रहमान मक्की पर दरियादिली दिखाने की बजाय चीन ने दगाबाजी कर दी। पिछले साल जितनी शिद्दत के साथ चीन ने पाकिस्तान पर अपना हक जताते हुए मक्की के मामले में वीटो पावर लगा दी थी। इस बार वह धीरे से इस मामले से दूर होता गया और जब संयुक्त राष्ट्र की ओर से मक्की को वैश्विक आतंकवादी घोषित किया गया, तो उसने अपनी जुबान तक नहीं खोली। दरअसल मक्की के मामले में हाथ खींचने के पीछे असली वजह पाकिस्तान का उइगर मुसलमानों के पक्ष में किया गया वह ट्वीट है, जो पिछले सप्ताह किया गया। यह ट्वीट इतना ज्यादा विवादित हुआ कि बाद में पाकिस्तान के महावाणिज्य दूतावास को इसे डिलीट तक करना पड़ा था। सुरक्षा मामलों से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की मजबूत पैरवी और पाकिस्तान का चीन के उइगर मुसलमानों के पक्ष में बोलना उसे न सिर्फ भारी पड़ा, बल्कि उसके लिए अब बड़ी मुसीबतें भी शुरू हो गई हैं।
पिछले साल लगा दी थी वीटो पावर
पाकिस्तान के आतंकवादी अब्दुल रहमान मक्की पर संयुक्त राष्ट्र परिषद की ओर से वैश्विक आतंकवादी घोषित किए जाने के बाद पाकिस्तान और चीन के बीच अंदरूनी तौर पर तनाव बढ़ गया। विदेशी मामलों के जानकार और सुरक्षा मामलों से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले साल चीन ने मक्की को आतंकवादी घोषित करवाने में अड़चन डालते हुए अपना वीटो पावर लगा दी थी। नतीजतन उसे आतंकवादी घोषित नहीं किया जा सका था। लेकिन इस बार जब मक्की को आतंकवादी घोषित किए जाने की प्रक्रिया शुरू हुई, तो चीन ने अपने हाथ पीछे खींचने शुरू कर दिया।
लंबे समय तक दुनिया के अलग-अलग मुल्कों में खुफिया एजेंसी में अपनी सेवाएं देने वाले एक वरिष्ठ अधिकारी कहते हैं कि दरअसल चीन को पाकिस्तान की ओर से उइगर मुसलमानों के लिए जारी किए जाने वाले बयानों से नाराजगी थी। वह कहते हैं कि चीन ने इसके लिए पाकिस्तान सरकार पर दबाव भी डाला। लेकिन पाकिस्तान के एक विशेष तबके की ओर से उइगर मुसलमानों के लिए आवाज बुलंद होती रही। यही वजह रही कि चीन ने पाकिस्तान को दी जाने वाली बहुत सी मदद में ना सिर्फ हाथ पीछे खींचने शुरू कर दिए, बल्कि मक्की को आतंकी बनाने की प्रक्रिया रुकवाने में अपने हाथ पीछे खींचने शुरू कर दिए।
सुरक्षा मामलों से जुड़े विशेषज्ञ बताते हैं कि चेंगदू में पाकिस्तानी महावाणिज्य दूतावास की ओर से ट्वीट कर कहा गया कि "पाकिस्तान का विदेश मंत्रालय चीन की ओर से भेजी जाने वाली मदद का न सिर्फ शुक्रगुजार है, बल्कि वह आने वाले दिनों में चीन के साथ मिलकर वहां के उइगर मुसलमानों के अधिकारों और स्वतंत्रता के हितों के मुद्दे पर मिलकर काम भी करेंगे"। पाकिस्तान की ओर से किया गया यह आधिकारिक ट्वीट चीन को इतना खला कि उसने पाकिस्तान को दी जाने वाली न सिर्फ मदद को रोका, बल्कि चीन की ओर से चलाए जाने वाले कई प्रोजेक्ट में भी हाथ पीछे खींचने शुरू कर दिए। सुरक्षा मामलों से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि चीन पहले से ही इस बात को लेकर पाकिस्तान से नाराजगी चता चुका था कि उनके मुसलमानों के मामले में पाकिस्तान अपना पक्ष ना रखें। यही वजह रही कि बीते कई महीनों से चीन की तमाम आपत्तियों के बाद भी हालात बिगड़ते रहे और पाकिस्तान को एन मौके पर दगा देने के लिए चीन ने अपनी तैयारियां शुरू कर दीं।
रंग लाई भारत की कोशिश
दरअसल चीन पर उइगर मुसलमानों के उत्पीड़न का आरोप है। दुनिया भर के देश उइगर मुसलमानों पर होने वाले अत्याचारों को लेकर चीन से अपनी आपत्ति भी दर्ज कर चुके हैं। जबकि अमेरिका जैसे विकसित देशों ने तो चीन पर इसी अत्याचार के खिलाफ कई कड़े प्रतिबंध भी लगाए हैं। रक्षा मामलों से जुड़े विशेषज्ञ कर्नल (रिटा.) एमएन पुरी कहते हैं कि ऐसा नहीं है कि चीन को मक्की के मामले में पाकिस्तान की ओर से जारी उइगर मुसलमानों के बयानों की वजह से ही हाथ पीछे खींचना पड़ा है, बल्कि भारत की जबरदस्त पैरवी से भी चीन को अपने कदम पीछे खींचने पड़े हैं। वह कहते हैं, भारत में जिस तरीके से बीते कई महीनों से मक्की को आतंकी घोषित कराने की पैरवी की, आखिरकार वह रंग लाई। और भारत के खिलाफ साजिश करने वाला बड़ा आतंकी विश्व का आतंकी घोषित हुआ।
रक्षा मामलों से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि मक्की को आतंकी घोषित कराने के साथ अब भारत पाकिस्तान के कई और आतंकवादियों को वैश्विक आतंकी घोषित कराने के प्रयास शुरू करेगा। इस कड़ी में पाकिस्तान के प्रमुख आतंकियों में शामिल अब्दुल रऊफ, साजिद मीर, शाहिद महमूद और अजहर समेत तल्हा सईद शामिल हैं। रक्षा मामलों के विशेषज्ञों का कहना है कि ये वे आतंकी हैं जो पाकिस्तान में बैठकर भारत में साजिशें करवाते हैं। लश्कर-ए-तैयबा और जैश ए मोहम्मद समेत कई आतंकी संगठनों के स्लीपर सेल की कमर तोड़ने के लिए फिलहाल तो मक्की का वैश्विक आतंकी घोषित होना ही पर्याप्त है। रही सही कसर पाकिस्तान के ऐसे और कई आतंकियों को वैश्विक आतंकी घोषित करने के साथ पूरी हो जाएगी। वह कहते हैं कि भारत जल्द ही पाकिस्तान के और कई आतंकियों को इस लिस्ट में शामिल करवाएगा।