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उमेश हत्याकांड को एक महीना: दो एनकाउंटर, एक दर्जन गिरफ्तारी, अतीक की पत्नी-बेटा, दो गुर्गे अब तक गिरफ्त से दूर

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Sat, 25 Mar 2023 04:35 PM IST

सार

हत्याकांड में नामजद आरोपी अतीक अहमद घटना से पहले से ही जेल में बंद है। हालांकि, पुलिस जेल में ही अतीक से पूछताछ कर रही है। अतीक का भाई अशरफ भी घटना से पहले से बरेली जेल में बंद है। अतीक की पत्नी पत्नी शाइस्ता परवीन घटना के बाद से ही फरार है
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अतीक अहमद - फोटो : अमर उजाला
उमेशपाल हत्याकांड को शुक्रवार को एक महीने पूरे हो गए हैं। प्रयागराज में हुए इस सनसनीखेज हत्याकांड में पुलिस को अब तक बड़ी कामयाबी नहीं मिल पाई है। हत्याकांड के बाद पुलिस ने सात नामजद लोगों के साथ ही अज्ञात और अतीक के अन्य करीबियों के नाम से कुल नौ आरोपी बनाए गए थे। 

सात नामजद आरोपियों में से दो अतीक अहमद और उसका भाई अशरफ पहले से ही जेल में थे। इनके अलावा जिन पांच लोगों के नाम एफआईआर में थे उनमें से अब तक एक की भी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। हालांकि, पुलिस अब करीब एक दर्जन गिरफ्तारियां कर चुकी है। इसके साथ ही दो शूटर पुलिस एनकाउंटर में ढेर हो चुके हैं। हत्याकांड में आरोपी बनाए गए अतीक समेत उसके कई करीबियों के घरों पर बुलडोजर की कार्रवाई भी हुई है।  


आइये जानते हैं इस हत्याकांड के बाद अब तक क्या-क्या हुआ? मामले में आरोपी किसे बनाया गया? पुलिस ने अब तक किन आरोपियों को गिरफ्तार किया? कितने के घरों पर बुलडोजर चले?
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अतीक अहमद - फोटो : अमर उजाला
उमेशपाल हत्याकांड को शुक्रवार को एक महीने पूरे हो गए हैं। प्रयागराज में हुए इस सनसनीखेज हत्याकांड में पुलिस को अब तक बड़ी कामयाबी नहीं मिल पाई है। हत्याकांड के बाद पुलिस ने सात नामजद लोगों के साथ ही अज्ञात और अतीक के अन्य करीबियों के नाम से कुल नौ आरोपी बनाए गए थे। 

सात नामजद आरोपियों में से दो अतीक अहमद और उसका भाई अशरफ पहले से ही जेल में थे। इनके अलावा जिन पांच लोगों के नाम एफआईआर में थे उनमें से अब तक एक की भी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। हालांकि, पुलिस अब करीब एक दर्जन गिरफ्तारियां कर चुकी है। इसके साथ ही दो शूटर पुलिस एनकाउंटर में ढेर हो चुके हैं। हत्याकांड में आरोपी बनाए गए अतीक समेत उसके कई करीबियों के घरों पर बुलडोजर की कार्रवाई भी हुई है।  

आइये जानते हैं इस हत्याकांड के बाद अब तक क्या-क्या हुआ? मामले में आरोपी किसे बनाया गया? पुलिस ने अब तक किन आरोपियों को गिरफ्तार किया? कितने के घरों पर बुलडोजर चले?

उमेश पाल हत्याकांड। फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला।
24 फरवरी के दिन क्या हुआ था? 
2005 में हुई विधायक राजू पाल की हत्या के मामले में उमेश पाल मुख्य गवाह थे। 24 फरवरी शुक्रवार को करीब साढ़े चार बजे उमेश कार से वापस सुलेमसराय, धूमनगंज स्थित अपने घर के लिए चल दिए। जैसे ही गेट पर गाड़ी रोककर उमेश उतरे, पहले से घात लगाए बदमाशों ने उन्हें गोली मार दी। उमेश गोली लगने से गिरने के बाद उठकर घर के भीतर भागे। साथ में उनकी सुरक्षा में लगे दोनों सिपाही भी उन्हें बचाने के लिए घर के अंदर भागे। लेकिन, हमलावरों ने दुस्साहस का परिचय देते हुए घर के अंदर घुसकर स्वचालित हथियारों से लगातार गोलियां बरसाईं। इस दौरान बदमाशों ने बम भी चलाए। बम और गोलियों की बौछार से इलाका थर्रा गया। हमलावर वहां से फरार हो गए। उमेश पाल, सिपाही संदीप और राघवेंद्र लहूलुहान पड़े थे। 

तीनों को एसआरएन हॉस्पिटल ले जाया गया। जहां डाक्टरों ने करीब एक घंटे बाद उमेश पाल को मृत घोषित कर दिया गया। आजमगढ़ निवासी सुरक्षागार्ड संदीप निषाद की भी अस्पताल में मृत्यु हो गई। शुक्रवार रात में ही पुलिस ने माफिया अतीक के दो नाबालिग बेटों को घर से हिरासत में लिया।

अतीक अहमद का पूरा परिवार - फोटो : अमर उजाला
मामले में नामजद आरोपी किसे बनाया गया?
हत्याकांड के अगले दिन 25 फरवरी को माफिया अतीक के साथ ही कई के शूटरों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई। उमेश पाल की पत्नी जया पाल ने माफिया अतीक अहमद, उसकी पत्नी शाइस्ता परवीन, बरेली जेल में बंद भाई पूर्व विधायक अशरफ, मोहम्मद मुस्लिम, गुलाम, अतीक के बेटों और अतीक के अन्य सहयोगियों के खिलाफ साजिश, हत्या सहित अन्य गंभीर धाराओं में धूमनगंज थाने में मामला दर्ज कराया। तहरीर पर पुलिस ने धारा 147, 148, 149, 302, 307, 120बी, 506, 34, विस्फोटक अधिनियम 1908 (3), आपराधिक कानून संशोधन अधिनियम 1932 (7) के तहत मुकदमा दर्ज किया था।

अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन के मकान की कुर्की करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
अतीक की पत्नी-बेटा अब तक पुलिस गिरफ्त से दूर
हत्याकांड में पहला नामजद आरोपी माफिया अतीक अहमद घटना से पहले से ही जेल में बंद है। हालांकि, पुलिस जेल में ही अतीक से पूछताछ कर रही है। अतीक का भाई अशरफ भी घटना से पहले से बरेली जेल में बंद है। अतीक की पत्नी पत्नी शाइस्ता परवीन घटना के बाद से ही फरार है और अब तक उसका कोई सुराग पुलिस के हाथों नहीं लग सका। शाइस्ता के साथ ही मोहम्मद मुस्लिम और गुलाम के नाम भी एफआईआर में थे। ये सभी भी अब तक फरार हैं। वारदात में शामिल रहा अतीक का बेटे असद को भी पुलिस अब तक नहीं पकड़ सकी है।

arrest in Umeshpal murder - फोटो : SOCIAL MEDIA
…तो गिरफ्तारियां  किसकी हुई?
26 फरवरी को पुलिस ने हत्याकांड का साजिशकर्ता सदाकत खान गोरखपुर से पकड़ा गया। आरोप है कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय के मुस्लिम हास्टल स्थित सदाकत खान के कमरे में हत्याकांड का षड्यंत्र रचा गया था। 28 फरवरी को सिविल लाइंस के ईट ऑन रेस्टोरेंट के मालिक नफीस अहमद को पुलिस ने हिरासत में लिया। वारदात में इस्तेमाल क्रेटा कार नफीस की निकली। हालांकि, उसने इस कार को कुछ समय पहले अपने एक रिश्तेदार को बेच दिया था। 
10 मार्च को माफिया अतीक अहमद के भाई पूर्व विधायक अशरफ से बरेली जिला जेल में अवैध तरीके से मुलाकात कराने के मामले में दो गुर्गों फुरकान और राशिद को गिरफ्तार किया। इनकी गिरफ्तारी सर्विलांस रिकॉर्ड और सीसीटीवी के जरिये हुई।
15 मार्च को हत्याकांड में पांच लाख के एक इनामी शूटर की गर्लफ्रेंड को पुलिस ने नैनी इलाके से हिरासत में लिया। हत्याकांड से पहले युवती शूटर से प्रतिदिन लंबी बात करती थी। पुलिस को शूटर की सीडीआर से युवती के बारे में जानकारी मिली थी। 
18 मार्च को वारदात में प्रयुक्त क्रेटा कार के मौजूदा मालिक रुखसार अहमद पकड़ा गया। जीटीबी नगर करेली में ट्रैवल एजेंसी चलाने वाला रुखसार घटना के बाद से घर में ताला लगाकर परिवार समेत फरार हो गया था।
मंगलवार 21 मार्च को पुलिस ने अतीक के दो करीबियों की निशानदेही पर अतीक के चकिया कर्बला स्थित दफ्तर पर छापेमारी की, जिसमें 74 लाख रुपये, 10 पिस्टल, 112 कारतूस के साथ पांच लोग पकड़े गए। पांचों को बुधवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

उमेश पाल की हत्या करने वाले शूटरों की गाड़ी का ड्राइवर अरबाज एकाउंटर में ढेर। - फोटो : अमर उजाला।
कितने आरोपियों का एनकाउंटर हुआ?
27 फरवरी को उमेश पाल हत्याकांड में पुलिस को पहली बड़ी कामयाबी मिली। प्रयागराज के धूमनगंज थाना क्षेत्र के सुलेमसराय में हत्याकांड में शामिल अरबाज को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया। पुलिस के मुताबिक, अरबाज ही क्रेटा कार चला रहा था, जिस पर सवार होकर शूटर उमेश पाल की हत्या करने के लिए आए थे। अरबाज पर पुलिस कमिश्नर ने 50 हजार का इनाम घोषित किया था। 

छह मार्च को हत्याकांड में शामिल दूसरे शूटर उस्मान चौधरी को पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया। यह वही शूटर था जो पास की दुकान पर खड़े होकर सामान खरीदने का नाटक कर रहा था और उमेश पाल के पहुंचते ही उनके ऊपर गोलियों की बौछार करने लगा था।

उमेश पाल हत्याकांड के शूटर गुलाम हसन के घर को जमींदोज करता बुलडोजर। - फोटो : अमर उजाला।
कितने के घरों पर बुलडोजर चले?
एक मार्च से पुलिस ने आरोपियों के घरों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। इस दिन अतीक की पत्नी शाइस्ता चकिया में जिस घर में रहती थी, पुलिस ने उसे बुलडोजर से जमींदोज कर दिया। यह मकान जफर अहमद के नाम पर था। घर से जर्मन मेड एयर रायफल भी बरामद हुई। अगले दिन पीडीए ने माफिया अतीक अहमद के करीबी गन हाउस मालिक सफदर अली के बेटों के मकान पर बुलडोजर चलवा दिया। इस मकान का भी नक्शा पास नहीं था। 

तीन मार्च को प्रशासन ने धूमनगंज में असरौली प्रधान माशूक के नवनिर्मित घर को ढहाया। वहीं, कौशाम्बी के सरायअकील थाना क्षेत्र के भाखंदा गांव में अतीक के शूटर और 18 साल से फरार अब्दुल कवि के घर को भी ढहाया गया। दूसरी ओर प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने उस मकान को ध्वस्त कर दिया जिसमें अतीक की पत्नी बच्चों के साथ रहती थी। यह मकान खुल्दाबाद थाना क्षेत्र के कसारी मसारी में स्थित था। 

20 मार्च को उमेश की हत्या के बाद से फरार चल रहे शूटर गुलाम के घर और दुकान पर बुलडोजर चला। यह कार्रवाई प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) ने की। गुलाम पर पांच लाख का इनाम है।
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